मुंबई: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी गौरक्षकों की तुलना आतंकी से करके विवादों में आ गए हैं. आजमी ने कहा है कि अगर गौरक्षा के नाम पर आए दिन मुसलमानों के साथ हो रही हिंसा नहीं रूकी तो एक दिन ऐसा आएगा कि मुसलमान हथियार उठा लेंगे. उन्होंने ये बयान नागुपर में बीफ के शक में एक युवक की पीटाई के मामले में मीडिया से बात करते हुए दिया.
 
अबू आजमी ने कहा, जहां-जहां बीजेपी की सरकार है वहां गौरक्षकों का आतंक है. भीड़ मिलकर एक शख्स को पीट-पीटकर मार डालती है. उन्होंने कहा कि इसे आतंकवाद से जोड़कर देखना चाहिए. क्योंकि लंदन में जहां एक शख्स ने भीड़ पर गाड़ी चढ़ा दी तो उसे आपराधिक घटना नहीं बल्कि आतंकी घटना कहा गया. उसी तरह पेरिस में जब एक शख्स ने चाकू से लोगों पर हमला किया तो उसे आतंकवादी घटना कहा गया. ठीक उसी तरह यहां एक शख्स को भीड़ घेरकर मार देती है तो ये आतंकवादी घटना है.  
 
आजमी ने आगे कहा कि हर एक्शन का रिएक्शन जरुर होता है, हम चुपचाप बैठने वालों में से नहीं है. गोरक्षा के नाम पर अगर  मुसलमानों को निशाना बनाते रहे तो नतीजे काफी खतरनाक हो सकते हैं. मुसलमानों के साथ हिंसा नहीं रुकी तो वो हथियार उठा लेंगे जिससे मुल्क तबाह हो जाएगा, जो देश के लिए सही नहीं है. उन्होंने कहा कि आजकल लोगों की जिंदगी से ज्यादा गाय बैल ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं.
 
 
अबू आजमी ने कहा कि अगर ये लोग इतने ही वीर बनते हैं तो अमरनाथ जाकर आतंकियों से क्यों नहीं लड़ते, सेना में क्यों नहीं भर्ती हो जाते. मासूम लोगों को डरा-धमाकर क्या सिद्ध करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि देश में जहां-जहां बीजेपी की सरकार है, वहां ऐसी घटनाएं ज्यादा हो रही है. बता दें कि उनका ये बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है.
 
 
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तरह की घटनाओं पर केवल निंदा की है. इसके बाद भी इन घटनाओं में कोई कमी नहीं आई है. ऐसी घटनाओं को आतंकवाद से जोड़ना चाहिए. इससे देश का माहौल खराब हो रहा है. जुनैद की हत्या के बाद मुसलमान ट्रेन में जाने से डर रहा है कि कहीं कोई रास्ते में तो नहीं मारेगा.