नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी और नवाज़ शरीफ के बीच बातचीत को एक हफ्ता भी नहीं बीता कि पाकिस्तानी सेना ने दुश्मनी बढ़ाने वाली हरकतें तेज़ कर दी हैं. सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से लगातार फायरिंग के बाद अब एक भारतीय ड्रोन को मार गिराने का दावा किया गया है. इसके बाद से ही सवाल उठने लगा है कि क्या पाकिस्तान की सेना नहीं चाहती कि भारत और पाकिस्तान बात करें या करीब आएं.

एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में बैठा एक खास ग्रुप और सेना के साथ-साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई भी नहीं चाहती है कि पाकिस्तान किसी भी तरह से भारत के साथ बातचीत की दिशा में आगे बढ़े. इस आकलन को हवा इसलिए भी मिल रही है क्योंकि हाल ही में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय ड्रोन का मार गिराने का दावा पेश किया है जबकि वह चीन का बना हुआ है.

दरअसल भारत और पाकिस्तान शांति वार्ता की तरफ बढ़ना चाहते हैं इसलिए मोदी 2016 में सार्क सम्‍मेलन में पाकिस्‍तान जा रहे हैं. रूस में नरेंद्र मोदी और नवाज़ शरीफ़ की बातचीत के बाद माहौल बनने लगा कि दोनों देश बातचीत के रास्ते पर लौट रहे हैं. 

लेकिन इसी बीच पाकिस्तान सेना ने ना सिर्फ सीमा पार से जमकर गोलियां चलाई हैं बल्कि भारतीय नागरिकों और सैनिकों की जान भी ले ली है. इसके बाद दोनों तरफ से सीजफायर तोड़ने को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है.

पाक के खोखले दावे पर विदेश सचिव का बयान

भारत के विदेश सचिव एस. जयशंकर ने यह कहकर भारतीय ड्रोन को मार गिराने के पाकिस्तानी दावे की हवा निकाल दी है कि ड्रोन की तस्वीर से ही साफ है कि वो भारतीय डिजाइन नहीं है बल्कि चीन का बनाया हुआ दिखता है.  

जयशंकर ने कहा है कि शांति विराम उल्लंघन पाकिस्तान की सेना ने किया है. अगर भारतीय सेना ऐसा करती तो यह मुद्दा पाकिस्तान की तरफ से उठाया जाता जबकि मुद्दा भारत ने उठाया है. उन्होंने कहा कि हम सीमा पर शांति चाहते हैं लेकिन पाकिस्तान की तरफ से फायरिंग का मुंहतोड़ जवाब देंगे.