नई दिल्ली: नोएडा में एक एलईडी बल्ब कंपनी में भीषण आग की चपेट में आकर 6 लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में 20 साल की जसमीत भी थी. जिसने आग की सूचना फायर ब्रिगेड को देने के लिए अपनी आखिरी सांस तक कोशिश की लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड की टीम आती. तब तक आग की लपटों में झुलसकर खुद जसमीत ने दम तोड़ दिया.
 
17 अप्रैल यानी तीन दिन पहले जसमीत कौर का बर्थ डे था. मां ने एक सोने की रिंग दी थी. उसी रिंग से जसमीत के शव की पहचान हुई. दरअसल नोएडा के SEC-11 में एक LED बल्ब की फैक्ट्री है. जहां बुधवार को शॉर्ट सर्किट से आग लगी और 6 लोग जिंदा जल गए. जसमीत भी उन्हीं में से एक है. 
 
जसमीत ने 6 महीने पहले ही कंपनी के HR से अपने करियर की शुरूआत की थी. दरअसल जैसे ही बल्ब फैक्ट्री में आग लगी. जसमीत ने तुरंत फायर ब्रिगेड को फोन किया. बाकी के कर्मचारी जान बचाने के लिए फैक्ट्री के अंदर ही इधर-उधर भागते रहे लेकिन जसमीत बार-बार फायर ब्रिगेड को फोन करती रही. जब फोन नहीं लगा तो उसने अपनी मां को फोन मिलाया और पूरी बात बताई.
 
अपनी मां से बात करते हुए जसमीत ने कहा मां…क्या करें दमकल विभाग का नंबर नहीं लग रहा है. मुझे बचा लो मै फंस गई हूं. पौने दो बजे के फोन कॉल के बाद जसमीत का फोन नॉट रिचेवल हो गया. उसकी मां भागती हुई नोएडा सेक्टर -11 पहुंची और मौके पर पहुंची पुलिस-फायर ब्रिगेड की टीम को बार-बार ये बताया कि उसकी 20 साल की बेटी आग में फंसी है. लेकिन अफरा-तफरी ऐसी थी कि किसी ने जसप्रीत की मां की बातें नहीं सुनी.
 
जब तक मां की बात किसी ने सुनी तब तक बहुत देर हो चुकी थी. कई लोगों को बचाने, नीचे कूदने के लिए शीशे तोड़ने में मदद करने के बावजूद जसमीत खुद को नहीं बचा सकी. आगजनी के दूसरे दिन तीन लोगों के शव बिल्डिंग से निकाले गए हैं. जिसमें एक लड़की भी है. हालांकि बॉडी पूरी तरह जल चुकी है. जसमीत की पहचान उसी गोल्ड रिंग से हुई जो उसे मम्मा ने 20 वें बर्थडे दी थी. जसमीत के अलावा जिन दो बॉडी की पहचान हुई है उसमें कंपनी के एक्सक्यूटिव डायरेक्टर संजय दास, अकाउंटेंट परीक्षित शर्मा भी शामिल है.