नई दिल्ली : एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को गांधी जी की हत्या से अधिक गंभीर मामला बताया है. उन्होंने कहा कि गांधी जी के हत्यारों को दोषी ठहराकर फांसी पर लटकाया गया और बाबरी कांड के आरोपियों को केंद्रीय मंत्री बनाया गया, पद्म विभूषण से नवाजा गया. उन्होंने मामले के ट्रायल में देरी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा जो लोग इस राष्ट्रीय शर्म के लिए जिम्मेदार थे वे आज देश चला रहे हैं.
 
ओवैसी ने कहा कि इस मामले में 24 साल की देरी हुई. 24-25 साल गुजर चुके हैं, लेकिन आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया कि साजिश का आरोप होना चाहिए. लेकिन मुझे आशा है कि सुप्रीम कोर्ट (वर्ष 1992 से लंबित) अवमानना याचिका पर भी फैसला करेगी. उन्होंने कई ट्वीट में लिका कि क्या कल्याण सिंह इस्तीफा देकर सुनवाई का सामना करेंगे या राज्यपाल होने के पर्दे के पीछे छिपेंगे, क्या मोदी सरकार न्याय के हित में उन्हें हटाएंगे, मुझे संदेह हैं.
 
हैदराबाद से लोकसभा सांसद ने ट्वीट कर कहा महात्मा गांधी की हत्या की सुनवाई 2 साल में पूरी हो गई थी और उससे गंभीर बाबरी मस्जिद गिराए जाने की घटना का अब तक फैसला नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि सचमुच केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मामले में इंसाफ चाहती है तो पहले राजस्थान के गवर्नर कल्याण सिंह को पद से हटाए और उन्हें मुकदमे में कोर्ट ट्रायल का सामना करने को कहे.
 
बता दें कि  सुप्रीम कोर्ट ने आज (19 अप्रैल को) ही मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, केन्द्रीय मंत्री उमा भारती और गवर्नर कल्याण सिंह समेत कुल तेरह लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला चलाने का आदेश दिया है. शीर्ष अदालत ने कहा कि राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के पास संवैधानिक छूट प्राप्त है और उनके खिलाफ मामला पद छोड़ने पर ही चलाया जा सकता है. कल्याण सिंह वर्ष 1992 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे.