जयपुर : राजस्थान के अजमेर ब्लास्ट मामले में आज एनआईए की अदालत ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने ब्लास्ट में दोनों दोषियों भावेश पटेल और देवेन्द्र गुप्ता को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
 
 
कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाते हुए दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. सजा करीब 9 साल पहले अजमेर स्थित सूफी ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती दरगाह में हुए बम धमाके को लेकर सुनाई गई है. इस बम धमाके में तीन जायरीनों की मौत हो गयी थी और पंद्रह अन्य घायल हो गये थे. 
 
सजा का ऐलान इससे पहले होना था लेकिन मामला बुधवार तक के लिए टाल दिया गया था. मामले के आरोपी सुनील जोशी की मौत हो चुकी है. 
 
 
राजस्थान पुलिस ने इस केस की शुरुआती जांच की थी लेकिन 2011 में यह केस एनआईए (NIA) को सौंप दिया गया था. इस केस में स्वामी असीमानंद का भी नाम आया था लेकिन एनआईए अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था.
 
दोषियों की सजा तय करने के मुद्दे पर मंगलवार को बचाव और सरकारी पक्ष के अधिवक्ता ने अपने अपने तर्क रखे. अदालत ने देवेन्द्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को आईपीसी की धारा 120 बी, 195 और धारा 295 के अलावा विस्फोटक सामग्री कानून की धारा 34 और गैर कानूनी गतिविधियों का दोषी पाया है
 

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