श्रीनगर: शुक्रवार की जुमे की नमाज के बाद कश्मीर में जामिया मस्जिद के पास आर्मी चीफ बिपिन रावत के खिलाफ प्रदर्शन किया. स्थानीय नागरिकों ने पाकिस्तानी झंडा दिखाए और सुरक्षा बलों के पर पथराव भी किया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर के नौहट्टा इलाके में मस्जिद में नमाज खत्म होने के बाद कुछ नौजवानों और बच्चों ने अपने चेहरों पर नकाब डाले पाकिस्तानी झंडे लहरा रहे थे और कई नौजवान तो नारेबाजी भी कर रहे थे.
 
 
अधिकारी ने बताया कि कई बच्चे और नौजवानों तो सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर भी फेंक रहे थे. उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठियां भी चलाईं. उन्होंने बताया कि आखिरी सूचना मिलने तक दोनों पक्षों के बीच झड़प जारी थी, लेकिन इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि उत्तर कश्मीर और दक्षिण कश्मीर में कुछ अन्य जगहों से भी पत्थरबाजी की खबरें आई हैं.
 
 
बता दें कि आर्मी चीफ बिपिन रावत ने अपने बयान में कड़ा निर्देश देते हुए कहा था कि कश्मीर घाटी में स्थानीय लोगों के शत्रुतापूर्ण आचरण के कारण लोग अधिक हताहत होते हैं और सुरक्षा बलों की आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान हमला करने वालों के साथ ‘राष्ट्र विरोधी’ के तौर पर बर्ताव होगा और उनके खिलाफ ‘सख्त कार्रवाई’ होगी.
 
 
आर्मी चीफ के बयान का शुक्रवार को रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी समर्थन किया. पर्रिकर ने कहा है कि सेना आतंकियों की मदद करने वाले स्थानीय लोगों से निपटने के लिए आजाद है. साथ ही पर्रिकर ने यह भी साफ किया कि सेना हर एक कश्मीरी को आतंकियों से सहानुभूति रखने वाला नहीं मानती. लेकिन अगर कोई आर्मी के खिलाफ कुछ करे, तो मौजूद अधिकारी को फ्री हैंड होता है.