नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने साल 2014 में सत्ता में आने के बाद बीजेपी का सदस्यता अभियान चलाया. इसके तहत फोन, मैसेज के जरिए बीजेपी ने करोड़ों लोगों को पार्टी का सदस्य बनाने का दावा भी किया. आज देश में बीजेपी के कितने सदस्य हैं, इसको लेकर एक बड़ा सवाल पैदा हो गया है. यह गफलत बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के अलग-अलग बयानों से ही पैदा हुई है. दरअसल हाल ही में दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक हुई थी. मीटिंग में अमित शाह ने कहा कि पार्टी के 8 करोड़ सदस्य थे जिन्हें बढ़ाकर 9 करोड़ कर दिया गया है लेकिन जुलाई में अपने संबोधन में शाह ने बीजेपी के 11 करोड़ सदस्य होने की बात कही थी. तो क्या जुलाई से 8 सितंबर तक बीजेपी के 3 करोड़ सदस्य कम हो गए थे.

दरअसल अमित शाह अकेले ऐसा नेता नहीं हैं जिन्होंने पार्टी के असल सदस्यों की संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा की हो. इसी साल अप्रैल में बीजेपी नेता अली मोहम्मद मीर ने दावा किया था कि वर्तमान में बीजेपी के 14 करोड़ सदस्य हैं और इस संख्या के साथ बीजेपी देश ही नहीं बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष विजया राहटकर ने भी बीजेपी के सदस्यों का संख्या को 12 करोड़ बताया था. उन्होंने कहा था कि पार्टी के 12 करोड़ सदस्यों में 3 करोड़ सिर्फ महिलाएं हैं.

कुल मिलाकर कहा जाए तो पार्टी अध्यक्ष समेत सभी नेताओं के पास इस बात को तस्दीक करने का कोई आंकड़ा नहीं है कि आखिर देश में बीजेपी के सदस्यों की संख्या कितनी है. इस मुद्दे के तूल पकड़ने के बाद बीजेपी प्रवक्ता ने पार्टी अध्यक्ष द्वारा सदस्यों की संख्या को 8 करोड़ बताने को जुबान फिसलना बताया. ‘द प्रिंट’ को इंटरव्यू देते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी के कुल सदस्यों की संख्या 11 करोड़ है, इनमें से दो करोड़ सदस्यों का अभी सत्यापन नहीं हो पाया है.

गौरतलब है कि 2019 के लोकसभा चुनावों तक 22 करोड़ परिवारों तक पहुंचना बीजेपी का लक्ष्य है. सत्ता में आने के बाद साल 2015 में अमित शाह ने बीजेपी के 8.8 करोड़ सदस्य होने का दावा किया था. इसी के साथ उन्होंने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना को पीछे छोड़ते हुए बीजेपी को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बताया था.

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