नई दिल्ली. फर्जी डिग्री मामले में दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी के नेता धरने पर बैठ गए हैं. वसंत विहार में एटीएस दफ्तर के बाहर आप नेता आशुतोष और कुमार विश्वास पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं. केजरीवाल सरकार इसे बदले की कार्रवाई के तौर पर देख रही है. 

इससे पहले दोपहर 11 बजे जितेंद्र तोमर को हौजखास थाने में ले जाया गया जहां से पुलिस उन्हें वसंत विहार थाने ले गई है. दरअसल यह गिरफ्तारी दिल्ली बार काउंसिल की शिकायत पर की गई है. खबर है कि साकेत कोर्ट में तोमर को दोपहर दो बजे पेश किया जाएगा.

विभिन्न धाराओं में हो सकती है 7 साल की सजा

कानून मंत्री तोमर को धोखाधड़ी, जालसाजी, धोखा देने के इरादे से जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने के तहत धाराओं में गिरफ्तार किया गया है. उनपर धारा 420, 467, 468 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है. इस मसले पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीएस बस्सी से इस बारे में जब पूछा गया तो उनका कहना था कि वह फिलहाल इस मामले में कुछ नहीं जानते और जल्द ही इस पर बात करेंगे.

क्या है पूरा विवाद

तोमर पर आरोप है कि उनकी ग्रैजुएशन और एलएलबी की डिग्री फर्जी है. बिहार की तिलका मांझी यूनिवर्सिटी, भागलपुर ने दिल्‍ली हाई कोर्ट को बताया कि जितेंद्र सिंह तोमर का अंतरिम प्रमाणपत्र जाली है और इसका संस्थान के रिकॉर्ड में इसका अस्तित्व नहीं है. दिल्ली पुलिस की एक टीम भी यूनिवर्सिटी में जाकर जांच करके लौट चुकी है. तोमर ने इसी यूनिवर्सिटी से लॉ की पढ़ाई करने का दावा किया था और उनका कहना है कि उनकी डिग्री 100 फीसदी सही है.  

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