पणजी. पांच देशों के समूह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आज से गोवा में शुरु हो रहा है. आठवां ब्रिक्स सम्मिट है. पीएम मोदी इस सम्मिट में भाग लेने के लिए शुक्रवार को ही गोवा पहुंच चुके हैं. ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत 2011 में हुई थी. ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका इसके सदस्य हैं. इसका मक़सद आर्थिक और राजनीतिक मोर्चे पर पश्चिमी देशों के अधिपत्य को चुनौती है.
 
गोवा में होने वाले ब्रिक्स सम्मिट में भारत की ओर से पीएम नरेन्द्र मोदी, ब्राजील से राष्ट्रपति टेमर, रुस से राष्ट्रपति पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिंनपिंग और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति ज़ुमा हिस्सा ले रहे हैं.
 
सूत्रों के अनुसार शी जिनपिंग और पीएम मोदी की मुलाकात आज शाम 5:40 बजे होगी. रिपोर्ट्स के अनुसार चीन पाकिस्तान की ओर से भारत को बॉर्डर पर ‘संयम’ बरतने और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए भारत को मनाने की कोशिश कर सकता है.
 
ब्रिक्स बैठक के साथ ही गोवा में बिम्सटेक देशों का भी अलग से सम्मेलन हो रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के साथ ही यहां बिम्सटेक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आने वाले बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार, श्रीलंका व थाईलैंड के प्रमुखों व अन्य प्रतिनिधियों का भी स्वागत किया है.
 
दोनों बैठकों में भारत की कोशिश आतंकवाद के खिलाफ अपनी मुहिम में ज्यादा से ज्यादा समर्थन जुटाने की होगी. शनिवार को रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के साथ मोदी की एक घंटे तक तमाम विषयों पर बातचीत होगी जिसमें सैन्य सामानों की खरीद के अलावा आतंकवाद ही दूसरा सबसे अहम विषय होगा.
 
पीएम मोदी ने इससे पहले ट्वीट में कहा था कि अगले कुछ दिन में, भारत आठवें ब्रिक्स और पहले ब्रिक्स-बिमस्टेक सम्मेलन के लिए वैश्विक नेताओं की मेजबानी करेगा. उन्होंने कहा कि मैं प्रमुख वैश्विक एवं क्षेत्रीय चुनौतियों पर चीन, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और रूस के नेताओं से लाभदायक बातचीत करने को लेकर आशान्वित हूं.