इस्लामाबाद. पाकिस्तान के एक वकील ने वहां के लाहौर उच्च न्यायालय से गुहार लगाई है कि वह भारत से डांसिंग गर्ल वापस लाने का निर्देश दे. याचिकाकर्ता ने न्यायालय से कहा है कि यह मूर्ती पाकिस्तान की है क्योंकि यह मूर्ति मोहनजोदड़ो से निकली थी. याचिका में कहा गया है की यह मूर्ति आज से 60 साल पहले भारत भेजी गई थी क्योंकि भारत के  दिल्ली की राष्ट्रीय कला परिषद ने इसके प्रदर्शन के लिए मांगा था.

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पकिस्तान पहले भी मांग चुका है डांसिंग गर्ल

पाकिस्तान ने तीन दिन पहले भी भारत से डांसिंग गर्ल वापस देने की मांग की थी. यह मांग पाकिस्तान के राष्ट्रीय कला परिषद के निदेशक सैयद  जमाल शाह ने की थी. जमाल ने कहा था कि डांसिंग गर्ल सिंध से निकला है इसलिए यह हमारा है. आज तक यह मूर्ति भारत में है लेकिन किसी ने इसे वापस लाने की शिकायत नहीं की है. जमाल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान यूनेस्को में भी यह मामला उठाएगा.

क्या है डांसिंग गर्ल

बता दें कि डांसिंग गर्ल की यह मूर्ति इस समय दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में रखी है. 1926 में जब भारत में अंग्रेजों का शासन था तब इसे खोजा गया था. इस मूर्ति की लंबाई लगभग 10.5 सेंटीमीटर है. यह मूर्ति लगभग पांच हजार साल पुरानी है.

याचिका में वकील ने कहा है यह मूर्ति लाहौर म्युजियम की है. उन्होने कहा है कि मुख्य न्यायधीश इस मामले को खुद ही देखें. उन्होने कहा है कि यूरोप के लिए मोनालिसा का जितना महत्व है उतना ही महत्व पाकिस्तान के लिए डांसिंग गर्ल का है.