नई दिल्ली: चीन ने कहा है कि ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाने से भारत में पानी के प्रवाह पर कोई असर नहीं होगा. बता दें कि चीन ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी शियाबुकु पर लालहो बांध परियोजना शुरु कर रहा है.

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शियाबुकु नदी को लोग यारलुंग जंगबू के नाम से भी जानते हैं. भारत ने चीन के बांध बनाने पर चिंता जाहिर की थी भारत कि चिंता यह है कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी का पानी रोक लेगा. बता दें कि ब्रह्मपुत्र नदी तिब्बत से निकलकर अरुणांचल प्रदेश और असम होते हुए बांग्लादेश तक जाती है.
 
चीन के विदेश मंत्रालय ने भारत की चिंताओं का लिखित में जवाब दिया है. जवाब में कहा गया है कि परियोजना की जलाशय क्षमता ब्रह्मपुत्र के औसत वार्षिक प्रवाह का 0.02 फीसदी है. चीन का यह भी कहना है कि निचले इलाकों में पानी के प्रवाह पर कोइ असर नहीं होगा. चीन के विदेश मंत्रालय का कहना है कि यह परियोनजा तिब्बत में खाद्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और इससे बाढ से बचने में भी मदद मिलेगी. चीन का कहना है कि लंबे समय से दोनों देशों में बहने वाली नदियों पर भारत और चीन के बीच सहयोग अच्छा रहा है.