गौतमबुद्धनगर. बिसाहड़ा गांव में अखलाक हत्याकांड के आरोपी 21 साल के रवि की मौत के मामले की सीबीआई जांच दी जा सकती है. 

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इस बीच गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए गौतमबुद्ध नगर के जेलर बीएस मुकुंद को मुख्यालय में ट्रांसफर कर दिया गया है. इसके अलावा दूसरे जेलर को भी हटाया जा सकता है.

मामले की नजाकत को प्रशासन काफी से गंभीरता से ले रहा है. यही वजह है कि गोंडा में कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए पहुंचे प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पांडा और डीजीपी जावीद अहमद को बिसाहड़ा के हर पल की जानकारी अपर पुलिस महानिदेशक, लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह दे रहे थे.
 

बढ़ते गुस्से को शांत कराने के लिए डीएम ने कहा कि अगर परिवार चाहे तो मामले की जांच सीबीआई से कराई जा सकती है. बताया जा रहा है कि प्रशासन ने रवि को परिवार को 10 लाख रुपया, जेलर का ट्रांसफर और सीबीआई जांच कराने की पेशकश की है. हालांकि मृतक के परिजनों ने इसे ठुकरा दिया है. 

गौरतलब है कि  2015 में गोहत्या के विवाद में दादरी से सटे गांव बिसाहड़ा में अखलाख नाम के शख्स की पीटकर हत्या कर दी गई थी. जिसको लेकर पूरे देश में बवाल हुआ था. इस मामले को बिहार विधानसभा चुनाव में खूब भुनाया गया था.
 

विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को दोषी ठहराया था. उनका कहना था कि जब से मोदी सरकार आई है दलितों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं. बाद में पूरे प्रकरण में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था. जिसमें रवि भी शामिल था. 
 
न्यायिक हिरासत में रवि की मौत के बाद से एक बार फिर से गांव में तनाव फैल गया है. परिवारजनों का आरोप है कि रवि की मौत पिटाई की वजह से हुई है. वहीं इस मामले में अभी तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं अभी तक नहीं आई है.
 
आपको बता दें कि अखलाख हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किए गए 18 लोगों में से रॉबिन रवि को नोएडा जिला अस्पताल से दिल्ली के लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल ले जाया गया था. जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी. अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक किडनी और कई अंगों के फेल हो जाने की वजह से उसकी मौत हो गई.