नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी सरकार अगले साल जुलाई में पांच साल का कार्यकाल पूरा कर रहे राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दूसरा टर्म देने के मूड में नहीं है. शहरी विकास मंत्रालय ने रिटायरमेंट के बाद प्रणब दा के लिए टाइप-8 बंगलों में से 34, एपीजे अब्दुल कलाम रोड को चुना है जिसमें इस वक्त पूर्व स्पीकर पीए संगमा का परिवार रह रहा है.
 
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देश में प्रणब दा से पहले 12 राष्ट्रपति हुए लेकिन पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के बाद किसी को भी सेकेंड टर्म नहीं मिला इसलिए प्रणब दा को सेकेंड टर्म ना मिलना एक तरह से प्रत्याशित राजनीतिक घटनाक्रम है. प्रणब दा ने 2012 में पीए संगमा को ही राष्ट्रपति चुनाव में हराया था जिनके बेटे कोनरैड संगमा इस समय 34 नंबर बंगले में रह रहे हैं. कोनरैड भी सांसद हैं.
 
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मोदी सरकार ने संगमा के बेटे को बंगला खाली करने का संदेश दे दिया है क्योंकि कोनरैड पहली बार लोकसभा पहुंचे हैं और वो बंगला सिर्फ केंद्रीय मंत्रियों को ही आवंटित किया जाता है. सरकारी बंगलों में टाइप-8 का बंगला सबसे बड़ा होता है.
 
अखबार से शहरी विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, “बहुत सारे टाइप-VIII बंगले खाली नहीं हैं. हमने संगमा परिवार से तब तक इस बंगले को खाली करने का आग्रह किया है. यदि मुखर्जी बंगले में कुछ काम कराना चाहेंगे तो वो करके दिया जाएगा लेकिन अभी तक ऐसा कोई आग्रह आया नहीं है.”