मुंबई. बॉलिवुड अभिनेता शाहरुख खान को वानखेड़े स्टेडियम विवाद में मुंबई पुलिस से क्लीन चिट मिल गई है. मुंबई पुलिस ने मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में कहा है कि साल 2012 में आईपीएल मैच के बाद वानखेड़े स्टेडियम में हुए विवाद में शाहरुख खान के खिलाफ कोई संज्ञेय अपराध नहीं पाया गया.
 
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अदालत में दाखिल पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच में यह पाया गया कि शाहरुख खान नशे में नहीं थे और न उन्होंने गाली दी थी. घटना के बाद एक स्थानीय कार्यकर्ता ने घटना की शिकायत दर्ज कराई थी और स्टेडियम में सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी करने के लिए शाहरुख के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी. पुलिस ने कहा कि उन्होंने शाहरुख खान का बयान दर्ज किया है, जिसमें उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है.
 
बता दें कि साल 2012 में आईपीएल मैच के बाद शाहरुख खान की वानखेड़े स्टेडियम में मैदान में जाने को लेकर सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस हो गई थी. इसके बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने भी उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उस वक्त शाहरुख पर वानखेड़े स्टेडियम में सुरक्षाकर्मियों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा था. 
 
बच्चों को लेकर आया गुस्सा
हालांकि, शाहरुख ने अपने बयान में कहा है कि जब उनकी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने उस दिन मैच जीता था, तो उनके बच्चे और दोस्त मैदान में चले गए और सुरक्षाकर्मी विकास दाल्वी उन्हें वहां से जाने के लिए बोलने लगे. खान ने बताया कि उन्होंने दाल्वी को बोला कि बच्चे उनके साथ हैं और किसी को उन्हें छूना भी नहीं चाहिए. तब उनका बिजनस मैनेजर बच्चों को बाहर ले गया. उन्होंने कहा कि जब उनसे किसी ने खराब तरीके से बात की तो उन्हें गुस्सा आ गया.
 
शिकायतकर्ता अमित मारु ने इससे पहले भी साल 2008 में हाई कोर्ट में शाहरुख खाने के खिलाफ याचिका दायर की थी लेकिन कोर्ट ने शाहरुख के पक्ष में फैसला सुनाया था. वानखेड़े स्टेडियम की घटना के बाद मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने शाहरुख खान पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था, जिसे पिछले साल हटाया गया है.