नई दिल्ली. 29 सितंबर की रात को PoK में आतंकी ठिकानों पर किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की वीडियो फुटेज के इस्तेमाल की मंजूरी सेना ने दे दी है. इस पर आखिरी फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय को लेना है. 
 
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अंग्रेजी अखबार ‘इकोनोमिक टाइम्स’ के मुताबिक कई सैन्य अधिकारियों का कहना है कि सेना चाहती है कि भारत सबूतों को साझा कर उन लोगों को जवाब दे जो ये कह रहे हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक हुई ही नहीं है.
 
पाकिस्तानी सेना सर्जिकल स्ट्राइक से इंकार कर रही है. उसके इन दावों के बाद ये सुझाव दिया गया है. पाकिस्तान अब तक ये कहता रहा है कि 29 सितंबर की रात किसी तरह की कोई सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुई थी. यही नहीं भारत में ही आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल और कांग्रेस नेता संजय निरुपम समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं ने भी सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े सबूतों की मांग की थी. 
 
पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगा वीडियो शेयर करने का फैसला
सर्जिकल स्ट्राइक की फुटेज साझा की जाए या नहीं ये फैसला पाकिस्तान के रवैये पर निर्भर करेगा. सरकार अभी अपने पत्ते खोलने के मूड में नहीं है और इंतजार कर ये देखना चाह रही है कि पाक की तरफ से क्या माहौल बनता है. वहीं सर्जिकल स्ट्राइक की फुटेज को साझा किए जाने से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने की भी संभावना है.  सुबह हुई CCS की मीटिंग में हालांकि इस मुद्दे पर विचार किया गया पर कोई फैसला नहीं हो पाया.