नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट की फटकार और जुर्माने के बाद दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. दिल्ली में डेंगू और चिकनगुनिया के खिलाफ अभियान में सहयोग न करने वाले अधिकारियों के नामों का खुलासा करते हुए सत्येंद्र जैन ने यह हलफनामा दायर किया है. हलफनामे में पर्यावरण सचिव चंद्राकर भारती का नाम सामने आया है.
 
इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर
 
हलफनामे में कहा गया है कि पर्यावरण सचिव चंद्राकर भारती कई मीटिंग में कहने के बावजूद शामिल नहीं हुए और न ही मंत्री से मिलने के लिए उपस्थित रहे. स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपने हलफनामे में कहा है कि चंद्राकर उपराज्यपाल को रिपोर्ट करने में विश्वास रखते है न की मंत्री को. उन्होंने अपने हलफनामे में उपराज्यपाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्री के मना करने के बावजूद उपज्यपाल ने उन्हें स्वास्थ्य सचिव बनाया.
 
‘मोहल्ला क्लीनिक में नहीं थी दिलचस्पी’
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपने हलफनामे में ये भी कहा कि भर्ती मोहल्ला क्लीनिक को स्थापित करने में पर्यावरण सचिव ने कभी दिलचस्पी नहीं दिखाई और  छुट्टी पर जाने से पहले मिलना भी जरूरी नहीं समझा. उन्होंने हलफनामे में कहा, ‘चंद्राकर बिना मेरी इजाजत के छुट्टी पर चले गए, मुझे बाद में उपराज्यपाल के दफ्तर से पता चला की वो 5 सितंबर से 15 सितंबर तक के लिए छुटी पर गए हैं.’
 
सत्येंद्र जैन ने कहा, ‘इतना ही नहीं सचिव ने छुट्टी से लौटने के बाद ऐसी किसी भी मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया जिसमें ये तय होने था कि डेंगू और चिकनगुनिया पर कैसे रोकथाम लगाई जाए.’ स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने अपने हलफनामे में ये भी कहा पिछले 20 दिनों से उन्होंने दिल्ली के 15 अस्पतालों में खुद विजिट किया और मरीजों और डॉक्टरों के संपर्क में रहे.
 
क्या है मामला 
बता दें कि सत्येंद्र जैन ने  सुप्रीम कोर्ट में डेंगू और चिकनगुनिया के खिलाफ अभियान में सहयोग न करने वाले अधिकारियों  के नामों का खुलासा करने के लिए हलफनामा दायर करने में देरी कर दी थी, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें जोरदार फटकार लगाई थी और उन पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था, जिसके बाद सत्येंद्र जैन ने यह हलफनामा कोर्ट में दायर किया.