नई दिल्ली. बाहरी दिल्ली में वाहन चोरी निरोधक दस्ते (एएटीएस) ने एक नकली सिक्के बनाने वाली फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है. इस दौरान एक शख्स भी पकड़ा गया है. यह फैक्ट्री बवाना इलाके में चलाई जा रही थी. 
 
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पुलिस को मौके से 40 हजार रुपये की कीमत के नकली सिक्के, सिक्के बनाने और पैकिंग करने की मशीनें बरामद हुई हैं. इसके अलावा मशीनें और पीतल की प्लेट सहित भारी मात्रा में सामान मिला है. गिरफ्तार होने वाली शख्स की पहचान रोहिणी सेक्टर 11 निवासी नरेश कुमार के तौर पर हुई है. 
 
यह पता चला है कि ये गारेखधंधा साल 2014 से चल रहा था. बाहरी पुलिस उपायुक्त एमएन तिवारी ने बताया कि रविवार रात करीब पौने दो बजे एएटीस की टीम रोहिणी सेक्टर 11 और 17 की डिवाइडिंग रोड पर श्रीबाला जी मंदिर के पास वाहनों की जांच कर रही थी. तभी पुलिस ने शाहबाद डेरी की तरफ से आती हुई हरियाणा नंबर की एक स्विफ्ट डिजायर को रोका.
 
फैक्ट्री के मालिकों की तलाश
जब पुलिस ने कार की तलाशी लेनी चाही तो चालक खुद को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बताकर पुलिस रौब दिखाने लगा। लेकिन, जब उससे पहचान पत्र मांगा गया, तो वह दिखा नहीं सका। इसके बाद तलाशी के दौरान कार में प्लास्टिक के दो बैग में चालीस हजार के 10 रुपये के नकली सिक्के मिले। केएन काटजू मार्ग थाने में मामला दर्ज किया गया है. 
 
इसके बाद पुलिस ने थाने में जब नरेश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बवाना औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्री की जानकारी दी. उसने बताया कि यहां करनाल निवासी दो भाई सोनू और राजू फैक्टरी में नकली सिक्के बनाते हैं. वह उनके लिए बाजार में नकली सिक्के चलाता है. अब पुलिस सोनू और राजू की तलाश कर रही है.