पटना. पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बिहार सरकार के शराबबंदी कानून को खारिज कर दिया. इस निर्णय के आते ही ज्यादातर लोगों मे खुशी की लहर फैल गई. हालांकि ये खुशी ज्यादा देर तक नहीं रही क्यूंकि तब तक यह बात भी साफ हो गई कि दो दिनों बाद ही यानी 2 अक्टूबर से बिहार सरकार शराबबंदी का नया कानून लागू करेगी जिसकी घोषणा सीएम नीतीश कुमार पहले ही कर चुके हैं.
 
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देसी के साथ विदेशी शराब पर भी लगा दी थी पाबंदी
बता दें कि इसी साल 31 मार्च को नीतीश सरकार ने बिहार विधानसभा में पुराने कानून मे बदलाव करके ‘बिहार उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2016’ पारित कर देशी शराब पर बैन लगा दिया था. साथ ही इन बदलावों को तत्काल प्रभाव से एक अप्रैल से लागू भी कर दिया गया. इसके तुरंत चार दिन बाद ही यानी 5 अप्रैल को बिहार सरकार ने विदेशी शराब पर भी पाबंदी लगा दी थी. पटना हाईकोर्ट में 6 अप्रैल को एक सेवानिवृत सैन्यकर्मी ने याचिका दाखिल कर इस बैन को रद्द करने की मांग की थी जिस पर हाईकोर्ट ने शनिवार को अपना फैसला सुनाया है.
 
 
नए कानून में कड़ी सजा का प्रावधान
इस बीच एक अगस्त को बिहार सरकार ने पुराने कानून मे ही कुछ और संशोधन करते हुए शराब की खपत या उसके रख-रखाव पर और अधिक कड़ी सजा का प्रावधान किया. इस नियम को ‘नया बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम 2016’ का नाम दिया गया. सीएम नीतीश ने पुराने कानून को अप्रासंगिक बताया और नए कानून की जरुरत पर बल दिया. हालांकि, इस कानून के कुछ प्रावधानों पर विपक्ष के साथ-साथ अन्य लोगों ने भी आपत्ति दर्ज कराई थी.
 
 
इन प्रावधानों मे पूरे गांव या शहर पर लगेगा सामूहिक जुर्माना
इन प्रावधानों मे ‘घर में शराब पीने या बरामद होने पर परिवार के सभी व्यस्क लोगों को जेल’ और कानून का लगातार उल्लंघन करते रहने पर ‘पूरे गांव या शहर पर सामूहिक जुर्माना’ आदि शामिल हैं. हालांकि सरकार की ओर से लोगों को इस बात पर आश्वस्त किया गया है कि इन प्रावधानों का दुरूपयोग कतई नहीं होने दिया जाएगा क्यूंकि इस कानून का पुलिस वाले और अन्य अधिकारियों ने दुरूपयोग किया तो उनके लिए भी कड़ी सजा का प्रावधान रखा गया है.
 
 
गांधी जयंती से लागू हो जाएगा नया कानून
बिहार में नकली शराब पीने के कारण करीब 18 लोगों की जान चले जाने पर सरकार के इस निर्णय की काफी आलोचना हुई थी. हालांकि वर्तमान मे शुक्रवार को हाईकोर्ट ने एक अप्रैल से लागू संशोधन कानून को खारिज कर दिया है लेकिन 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती से ही ‘नया बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम 2016’ लागू कर दिया जाएगा.