मुंबई. मुंबई हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से मराठों को आरक्षण देने के मामले में जवाब मांगा है. लिखित जवाब मिल जाने के बाद ही हाईकोर्ट अंतिम सुनवाई की तारीख तय करेगा.
 
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बता दें कि मराठा समुदाय नौकरियों और शिक्षा में आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहा है. पिछली कांग्रेस-राकंपा सरकार ने विधानसभा चुनावों से पहले मराठा समुदाय को नौकरियों में आरक्षण देने की बात कही थी.
 
क्या है मामला
मराठाओं के आरक्षण दिए जाने के खिलाफ पत्रकार केतन तिरोडकर ने जनहित यचिका दायर की थी. याचिकार्ता ने कहा था कि मराठा आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक रुप से पिछडे नहीं हैं. मराठों को आरक्षण दिए जाने को उन्होंने फर्जीवाड़ा बताया था, याचिका सरकार के फैसले के खिलाफ थी.
 
क्यों कर रहे हैं मराठा आंदोलन क्या-क्या हैं उनकी मांगें
1.कोपड़ी कांड के आरोपियों को फांसी मिले (कोपड़ी रेप कांड की पीड़िता मराठा थी जबकि आरोपी दलित थे. मराठा आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहे हैं)
 
2.एट्रोसिटी रद्द किया जाए( मराठों का आरोप है कि एट्रोसिटी कानून का सबसे ज्यादा गलत इस्तेमाल मराठा लोगों के खिलाफ होता है इसलिए इस कानून को रद्द  किया जाए)
 
3. मराठा यह मांग कर रहे हैं कि आर्थिक और सामाजिक तौर पर पिछड़े मराठों को आरक्षण मिले इसके लिए वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं.

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