नई दिल्ली. उरी हमले के बाद पाकिस्तान को अलग-थलग करने की भारत की कोशिशें सफल होती दिख रही हैं. भारत के बाद अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका के सार्क सम्मेलन में शामिल होने से इनकार करने के बाद इस्लामाबाद में होने वाला 19वां सार्क सम्मेलन रद्द हो गया है. पाकिस्तान ने प्रेस रिलीज़ जारी करके इस बात की जानकारी दी.
 
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प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि पाकिस्तान ने सार्क सम्मेलन कि पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन भारत ने कश्मीर के मुद्दे से दुनियाभर का ध्यान भटकाने के लिए सम्मेलन में शामिल न होन की बात कही है. साथ ही प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि भारत की तरफ से कोई भी सर्जिकल स्ट्राइक नहीं हुआ है ये केवल एक सीज़फायर था.
 
 
बता दें कि साउथ एशियाई देशों के 1985 में बने संगठन सार्क में 8 देश हैं. उरी आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से संबंधों में तनाव के बीच भारत ने मंगलवार को ही सम्मेलन में न आने का अपना इरादा साफ कर दिया था. भारत ने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग और आतंकवाद साथ-साथ नहीं हो सकते. बुधवार को अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान और श्रीलंका भी भारत के साथ आ गए.
 
 
बांग्लादेश ने कहा है कि हमारे देश के अंदरूनी मामलों में एक देश का जरुरत से ज्यादा दखल दे रहा है, ऐसा माहौल हो गया कि सार्क सम्मेलन का सफल आयोजन नहीं हो सकता. भूटान ने कहा है कि साउथ एशिया में बढ़ता आतंकवाद हमारे लिए चिंता का विषय है.
 
वहीं अफगानिस्तान ने कहा है कि हमारे यहां जबरदस्ती के थोपे गए आतंकवाद के कारण हिंसा बढ़ गई है, ऐसे में हमारे राष्ट्रपति व्यस्त होंगे. श्रीलंका ने कहा कि अभी महौल सही नहीं है जिसकी वजह से हमारे राष्ट्रपति ने नहीं आने का फैसला लिया गया है. बता दें कि सार्क सम्मेलन के बायकॉट का शुरुआत भारत के बाद अफगानिस्तान की ओर से ही आया था. सार्क की प्रक्रिया के तहत अगर कोई एक देश भी हिस्सा न ले तो सार्क सम्मेलन टल जाता है.