नई दिल्‍ली. गलती से पाकिस्तान की सीमा में घुसे इंडियन आर्मी के जवान को रिहा कराने के लिए भारत आधिकारिक तौर पर ये मुद्दा पाकिस्‍तान के सामने उठाएगा. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि सेना ने बताया है कि यह जवान गुरुवार को गलती से लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) के पार चला गया था और जिसे पाकिस्तानी आर्मी ने गिरफ्तार कर लिया गया.
 
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राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत इस मुद्दे को पाकिस्‍तान के सामने उठाएगा और पाकिस्‍तान की कैद में आए सैनिक को रिहा कराने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं. बता दें कि भारतीय सेना द्वारा बुधवार आधी रात को LOC पार कर सर्जिकल स्ट्राइक हमले की घोषणा के कुछ देर बाद भारतीय सैनिक चंदू बाबूलाल चौहान के पाकिस्‍तानी आर्मी ने गिरफ्तार किए जाने की खबर आई. इस बात की जानकारी पाकिस्‍तानी अखबार डॉन ने दी थी.
 
 
सेना ने बताया कि राष्‍ट्रीय राइफल्‍स का यह सैनिक चंदू चौहान सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्‍सा नहीं था. यह आर्मी पोस्‍ट पर ड्यूटी पर था और गलती से LOC पार कर गया था. वैसे दोनों देशों के सैनिकों का राह भटककर एक दूसरे के क्षेत्र में चले जाना कोई नई बात नहीं है. इसका कारण ये है कि LOC के आसपास एक जैसे पहाड़ और जंगल होना है. भारत-पाकिस्तान की होने वाली सैन्य बैठक में यह मुद्दे उठाए जाते हैं और इसके बाद एक दूसरे के सैनिकों को लौटा दिया जाता है, लेकिन इस ऑपरेशन के बाद यह मामला कुछ पेचीदा हो गया है.
 
 
बता दें कि भारतीय सेना ने बुधवार रात 12.30 बजे से 4.30 बजे तक यह ऑपरेशन चलाया गया. सेना ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देते हुए 7 आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया, साथ ही 50 आतंकियों को भी मार गिराया. भारतीय सेना की कार्रवाई में 2 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के थे.
 
 
बता दें कि ये ऑपरेशन भारत के 50 स्पेशल कमांडोज ने पूरा किया था. इन कमांडोज ने लीपा, केल, टट्टापानी और भिंबेर के पास बने लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया. भारतीय सेना ने अलग-अलग जगहों पर  एक ही समय में बने 7 कैंप्स का खात्मा किया. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, NSA अजीत डोभाल, सेना प्रमुख और DGMO ने पूरी रात सर्जिकल ऑपरेशन को मॉनीटर किया.