नई दिल्ली. भारतीय सेना द्वारा LOC पार कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28-29 सितंबर की पूरी रात अपनी टीम के साथ 7-लोक कल्याण मार्ग से पूरे ऑपरेशन की मानाटरिंग करते रहे थे. सूत्रों के अनुसार जब तक ऑपरेशन सफल नहीं हो गया था तब तक उन्होंने पानी भी नहीं पिया. 
 
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PM मोदी का गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और वित्त मंत्री अरुण जेटली के अलावा राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और सेनाओं के उच्चाधिकारियों से संपर्क बना रहा. बताया जा रहा है जब ऑपरेशन सफल रहा तो PM मोदी 29 सितंबर की सुबह आराम करने के बजाय इसके बाद पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर रखने की तैयारियों में लग गए.
 
 
बता दें कि 18 सितंबर को उरी में सेना के कैंप  पर हुए आतंकी हमले के बाद से देश में पाकिस्तान के खिलाफ काफी उबाल था उस बीच प्रधानमंत्री मोदी ने जिस रणनीतिक का परिचय दिया वह अनूठा है. प्रधानमंत्री मोदी ने बेहद नपे तुले शब्दों में पहले कहा कि ‘जवानों की शहादत व्यर्थ नही जाने देंगे’ और ‘ भारतीय सेना कहती नही पराक्रम करती है’ तो इस पर ज्यादातर लोगों को लगा की यह लगभग ऐसे जुमले हैं जो ज्यादातर नेता देते हैं. लेकिन PM ने अपनी किसी भी मूवमेंट से उजागर नहीं होने दिया कि उन्होंने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है.
 
 
PM मोदी पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की रात से पहले निर्धारित कार्यक्रमों में भाग लेते रहे. 28 अगस्त की सुबह PM ने साउथ ब्लाक में कैबिनेट की बैठक में अहम फैसले लिए. इसके बाद उन्होंने हर महीने के अंतिम बुधवार को विकास कामों के लिए होने वाली बैठक में वे शाम 3.30 से 5 बजे तक रहे. PM अपने प्रधानमंत्री आवास पर शाम 6.30 पहुंचे जहां उन्होंने रूटीन दो और बैठकें लीं. बताया जा रहा है कि इन बैठकों के बीच में इस ऑपरेशन को लेकर बातचीत हुई.
 
 
इसके बाद PM मोदी अगस्त की पूरी रात आपरेशन पर नजर रखी. ऑपरेशन सफल होने के बाद भारतीय सीमा पर हालात के मद्देनजर PM मोदी ने CCS की बैठक बुलाई. जिसमें राजनाथ सिंह, पर्रिकर, सुषमा स्वराज, जेटली, डोवाल, आर्मी चीफ दलबीर सुहाग, विदेश सचिव एस जयशंकर समेत कई अधिकारी शामिल हुए थे.