बैंगलुरु. भारतीय सेना की एलओसी के पार सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सेटेलाइट तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था. इंडियन स्पेस रिसर्च आॅर्गेराइजेशन (इसरो) से मिली कार्टोसेट इमेजिस से सर्जिकल स्ट्राइक में मदद मिली थी.
 
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टाइम्स आॅफ इंडिया की खबर के मुताबिक बुधवार रात को एलओसी के पार हुई सर्जिकल स्ट्राइक में भारतीय कमांडो को हाई रेजोल्यूशन इमेजिस के जरिए मदद की गई थी. यह खबर इसरो के सूत्रों के हवाले से दी गई है. 
 
सूत्र ने बताया कि इसरो द्वारा सुरक्षा बलों, विशेषतौर पर सेना को तस्वीरें उपलब्ध कराई गई हैं. पिछले हफ्ते में किसी खास दिन दी गई कोई विशेष तस्वीर के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता. कार्टोसेट इमेजिस इस उद्देश्य के लिए होती हैं और सेना इनका उपयोग करती है. हालांकि, इसरो और रक्षा मंत्रालय ने इस बात को लेकर चुप्पीसाध रखी है. 
 
 
बढ़ाई भारत की क्षमताएं
कार्टोसेट इमेजिस को भारत की ‘असामान में आंख’ भी कहा जाता है, जो दोहरे इस्तेमाल के लिए बनी है. पृथ्वी की ये तस्वीरें अंतरिक्ष से सेटेलाइट के जरिए ली जाती हैं. इनसे किसी खास जगह की भौगोलिक जानकारी पाने में मदद मिलती है. कोर्टोसेट- 2सी ने भारतीय सेना की निगरानी क्षमताओं को और बढ़ा दिया है. यह 0.65 मीटर की हाई रेजोल्यूशन इमेजिस देती है, जो पहले की 0.8 मीटर से कहीं ज्यादा बेहतर है. 
 
पहला कार्टोसेट साल 2005 में लॉन्च हुआ था. इसके बाद साल 2007 में लॉन्च हुआ कार्टोसेट- 2ए भारत के पड़ोस में मिसाइल लॉन्च की निगरानी की क्षमता के साथ दोहरे उपयोग वाली सेटेलाइट है. यह सेटेलाइट बेहद बेहतर मानी जाती है और यह न केवल तस्वीर ले सकती है बल्कि अंतरिक्ष से वी​डियो बनाकर, उसे कंप्रेस करके पृथ्वी पर भी भेज सकती है.