नई दिल्ली. भारतीय सेना द्वारा LOC पार कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में देर रात किए गए सर्जिकल स्ट्राइक पर पूरा देश जश्न के माहौल में डूबा है. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सर संघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि जिसकी प्रतीक्षा थी वह काम आज हो गया है. हमें भारतीय सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गर्व है.
 
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वहीं RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ मनमोहन वैध ने कहा है कि भारतीय सेना ने अपनी निश्चयात्मक सैनिकी कार्रवाई द्वारा आतंकवादियों के थाने ध्वस्त कर अपनी मार क्षमता सिद्ध की है. ऐसे समय, अपने आपसी मतभेद एक बाजू रखकर, और भी किसी कार्रवाई के लिए सम्पूर्ण देश भारत सरकार के साथ खड़ा है.
 
 
सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर गृह मंत्रालय ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. जिसमें सभी दलों ने भारतीय सेना की कार्रवाई की सरहाना की है और कहा है कि हम मोदी सरकार के साथ हैं पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी हो गया था. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि केंद्र सरकार ने हमें भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में जानकारी दी थी. हम भारतीय सेना को बधाई देना चाहते हैं और पाकिस्तान को बताना चाहते हैं कि अगर फिर से भारत की तरफ से देखा तो इससे भी बुरा हाल होगा.
 
 
लश्कर-ए-तैयबा के थे आतंकी
बता दें कि भारतीय सेना ने बुधवार रात 12.30 बजे से 4.30 बजे तक यह ऑपरेशन चलाया गया.  सेना ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देते हुए 7 आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया, साथ ही 38 आतंकियों को भी मार गिराया. भारतीय सेना की कार्रवाई में 2 पाकिस्तानी सैनिक भी मारे गए हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ये आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के थे.
 
 
25 स्पेशल कमांडोज ने पूरा किया ऑपरेशन
बता दें कि ये ऑपरेशन भारत के 25 स्पेशल कमांडोज ने पूरा किया था. इन कमांडोज ने लीपा, केल, टट्टापानी और भिंबेर के पास बने लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया. भारतीय सेना ने अलग-अलग जगहों पर  एक ही समय में बने 3 कैंप्स का खात्मा किया. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, NSA अजीत डोभाल, सेना प्रमुख और DGMO ने पूरी रात सर्जिकल ऑपरेशन को मॉनीटर किया.
 
 
सर्जिकल स्ट्राइक में सेना गुपचुप तरीके से सीमा के पार जाकर ऑपरेशन को अंजाम देती है. अमेरिका ने आतंकी ओसामा बिन लादेन को भी ऐसे ही मारा था. 
 
 
पहली बार सेना ने LOC पार की
भारत पाकिस्तान के बीच 1949 में कराची एग्रीमेंट के बाद सीजफायर लागू हुआ था. तब से 775 किमी की रेखा सीजफायर लाइन कहलाने लगी. 1971 में इसे LOC नाम दिया गया. तब से अब तक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि हमारी भारतीय सेना ने LOC पार किया है.
 
 
भारतीय सेना ने पहली बार कबूला
यह भी पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में भारत ने पहली बार खुलकर कबूल की है. हालांकि भारतीय सेना कई बार पाकिस्तान में ऐसे ऑपरेशन कर चुकी है लेकिन कभी ऐलान नहीं किया. पिछले साल म्यांमार में जब भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक किया था, तब भारत ने खुलकर इस बारे में कुछ नहीं कहा था.