नई दिल्ली. भारत को पाकिस्तान के खिलाफ की गई कार्रवाई पर पड़ोसी देश बांग्लादेश का साथ मिल गया है. बांग्लादेश ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया है. इसके अलावा भारत ने 22 देशों को इस कार्रवाई की जानकारी भी दी है. भारत ने 22 देशों के राजदूतों को बुलाकर सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी जानकारी दी है. 
 
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हमले के बाद भारत इस मुद्दे पर गृह मंत्रालय ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. जिसमें सभी दलों ने भारतीय सेना की कार्रवाई की सरहाना की है और कहा है कि हम मोदी सरकार के साथ हैं पाकिस्तान को सबक सिखाना जरूरी हो गया था.
 
 
बता दें कि ये ऑपरेशन भारत के 25 स्पेशल कमांडोज ने पूरा किया था. इन कमांडोज ने लीपा, केल, टट्टापानी और भिंबेर के पास बने लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया. भारतीय सेना ने अलग-अलग जगहों पर  एक ही समय में बने 3 कैंप्स का खात्मा किया. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, NSA अजीत डोभाल, सेना प्रमुख और DGMO ने पूरी रात सर्जिकल ऑपरेशन को मॉनीटर किया.
 
पहली बार सेना ने LOC पार की
भारत पाकिस्तान के बीच 1949 में कराची एग्रीमेंट के बाद सीजफायर लागू हुआ था. तब से 775 किमी की रेखा सीजफायर लाइन कहलाने लगी. 1971 में इसे LOC नाम दिया गया. तब से अब तक के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि हमारी भारतीय सेना ने LOC पार किया है.
 
यह भी पहली बार हुआ है कि पाकिस्तान में हुए सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में भारत ने पहली बार खुलकर कबूल की है. हालांकि भारतीय सेना कई बार पाकिस्तान में ऐसे ऑपरेशन कर चुकी है लेकिन कभी ऐलान नहीं किया. पिछले साल म्यांमार में जब भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक किया था, तब भारत ने खुलकर इस बारे में कुछ नहीं कहा था.