नई दिल्ली. 2008 में एंब्रेयर विमान सौदे में हुए दलाली के पुख्ता सबूत सीबीआई के हाथ लग गए हैं. जांच एजेंसी को पता चला है कि ब्राजील के साथ हुए इस सौदे में  55 लाख डॉलर यानी 36 करोड़ रुपए की दलाली दी गई थी. ये पूरा सौदा 20.8 करोड़ यानी 1382 करोड़ रुपए में हुआ था.
 
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हालांकि सीबीआई ने अभी तक उस दलाल के नाम का खुलासा नहीं किया है लेकिन उसकी ओर से बताया जा रहा है कि वह उस देश के संपर्क में है. जल्दी ही पूरे मामले की जानकारी मिलने के बाद इस पर एफआईआर दर्ज की ली जाएगी.
 
आपको बता दें कि ब्राजील की विमान बनाने वाली कंपनी एंब्रेयर ने 2008 में भारत को तीन विमान बेचे थे. जिसमें भारत के रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) को राडार सिस्टम से लैस करना था.
 
लेकिन इस पूरे सौदे पर ब्राजील के ही एक अखबार ने लिखा कि कंपनी ने इस सौदे के लिए ब्रिटेन में रहने वाले एक दलाल का सहारा लिया था और इसके बदले में उसे दलाली दी गई है. 
 
वहीं एंब्रेयर कंपनी के गतिविधियां पहले से ही काफी संदिग्ध मानी जाती रही हैं. 2010 में ही अमेरिका इस कंपनी की जांच कर रहा है. 
 
गौरतलब है कि रक्षा सौदों में दलाली और रिश्वत की खबरें पहले भी आती रही हैं. अभी कुछ दिन पहले ही अगुस्ता-वेस्टलैंड डील के मामले में अच्छा खासा बवाल मच गया है. पूरे मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का भी नाम उछला था.  जिसको लेकर संसद में भी हंगामेदार बहस हो चुकी है.
 
वहीं यूपीए के शासनकाल में हुए इस सौदे पर भी जिस तरह से सीबीआई दलाली की बात का दावा कर रही है उससे एक बार फिर तय है कि राजनीतिक बयानबाजी का दौर फिर शुरू होने वाला है.