गांधी नगर.  मनी लॉन्डरिंग के मामले में ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने गुजरात के निलंबित आईएएस प्रदीप शर्मा के गांधी नगर स्थित घर को अटैच कर लिया है. इसकी कीमत करीब 72.83 लाख रुपए आंकी जा रही है.
 
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प्रदीप शर्मा के खिलाफ वेल्सपन ग्रुप पर बाजार रेट से कम की कीमत पर जमीन आबंटित करने का भी आरोप है. उस समय वह कच्छ जिले के कलेक्टर थे. इस वजह से सरकारी खजाने को 1.2 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था. शर्मा को इसी मामले में बीती 31 जुलाई को ईडी ने पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया था. 
 
इससे पहले 2014 में प्रदीप शर्मा के स्वामित्व वाली 4,856 स्क्वायर मीटर की जमीन को भी ईडी ने जब्त कर लिया था. ईडी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि शर्मा की अब तक 1.22 करोड़ रुपए की  प्रॉपर्टी जब्त की जा चुकी. 
 
एजेंसी की ओर से कहा गया है कि शर्मा के खिलाफ गैर-कानूनी ढंग से काफी बड़ी मात्रा में पैसा विदेशी देशों में भेजने का आरोप है.  प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डिरिंग एक्ट की धाराओं के मुताबिक शर्मा के पास जो भी संपत्ति है उसको जब्त के करने का अधिकार ईडी के पास है. 
 
वहीं अब तक हुई जांच में पाया गया है कि बाजार रेट से सस्ती दर में जमीन आबंटित करने के बदले वेल्सपन ग्रुप ने उनकी पत्नी को अपनी एक कंपनी में 30 फीसद का हिस्सेदार बना दिया था. इसमें शर्मा की पत्नी को 29.5 लाख रुपए का फायदा पहुंचाया गया. 
 
जमीन आबंटन का क्या है नियम
नियमों के मुताबिक कोई भी जिला कलेक्टर अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सिर्फ 15 लाख रुपए की कीमत तक ही जमीन का आबंटन कर सकता है. इससे ज्यादा के लिए कलेक्टर को राज्य रेवेन्यू विभाग से इजाजत लेनी होती है. लेकिन वेल्सपन ग्रुप को जमीन आबंटन के मामले में सभी नियमों को ताक में रख दिया था.
 
शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के 6 मामले
गुजरात में जासूसी कांड से लेकर कई मुद्दों पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल चुके निलंबित आईएएस प्रदीप शर्मा के खिलाफ भ्रष्टचार के 6 मामले चल रहे हैं. उनका कहना है कि राज्य सरकार उनको झूठे मामलों में फंसाना चाहती है.