नई दिल्ली. दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने समन जारी किया है. समन में उन्हें 4 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे पेश होने के लिए कहा गया है. सत्येंद्र जैन की चार कंपनियों की जाँच में उनमें हवाला के जरिये 17 करोड़ रूपये का पता चला है.
 
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इनकम टैक्स के पास इस बात के पूरे सबूत हैं कि सत्येंद्र जैन ने पिछले पांच से दस सालों में अपनी चार कंपनियों के जरिये कैसे हवाला के तहत पैसे भिजवाये और फिर अपनी कंपनियों के नाम से चेक लिए. बाद में इससे अनधिकृत कॉलोनियों के पास जमीन खरीदी गयी.
 
इनकम टैक्स ने कलकत्ता के हवाला कारोबारी जीवेन्द्र मिश्र का बयान भी दर्ज किया है जिसमें उसने सत्येंद्र जैन के हवाला कारोबार के बारे में बताया है. सत्येंद्र जैन ने ये सब 16 मार्च 2011 को कंपनी में डायरेक्टर बनने के बाद शुरु किया. यही नहीं इनकम टैक्स सत्येंद्र जैन के खिलाफ तीन केसों की छानबीन कर रही है. पिछले पांच से दस साल के रिटर्न से हवाला के सबूत मिले है. 
 
सत्येन्द्र जैन ने रखा अपना पक्ष
सत्येंद्र जैन को इस बारे में इनकम टैक्स ने सबसे पहला नोटिस चालीस दिन पहले भेजकर जवाब मांगा गया था. उसके बाद 23 सितम्बर को समन जारी किया गया है. दूसरी तरफ सत्येन्द्र जैन ने अपने ऊपर लगे हवाला के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि- यह कोई इंवेस्टिगेशन नहीं है बल्कि उन कंपनियों का असेसमेंट हो रहा है. मुझे सिर्फ गवाह के तौर पर बुलाया गया है क्योंकि कुछ साल पहले मैनें उन कंपनियों में निवेश किया था.