नई दिल्ली. सोमवार को कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यो ने एक दूसरे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. 

इनख़बर से जुड़ें | एंड्रॉएड ऐप्प | फेसबुक | ट्विटर

कर्नाटक सरकार ने सोमवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके तमिलनाडु को कावेरी नदी का पानी उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई थी. कर्नाटक सरकार ने दरखास्त की कि कोर्ट तमिलनाडु को जनवरी 2017 तक पानी देने के अपने फैसले पर रोक लगाए. कर्नाटक सरकार का कहना था कि इस फैसले की वजह से उनके राज्य को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है. गौरतलब है की 23 सितंबर को कर्नाटक विधानसभा के दोनों सदनों ने एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमे तमिलनाडु को और पानी देने पर रोक लगाने के बारे में कहा गया था.
 
कर्नाटक सरकार की तरफ से दायर की गयी इस याचिका के कुछ ही घंटो बाद तमिलनाडु सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा कि जब तक कर्नाटक सरकार सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किये गए सभी आदेशो की पूर्ती नहीं करता तब तक कोर्ट कर्नाटक सरकार द्वारा दायर की गयी किसी भी अर्जी को स्वीकार न करें. दरसल कोर्ट ने इससे पहले कर्नाटक सरकार को आदेश दिए थे कि वे 27 सितंबर तक तमिलनाडु रोज 6000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराये, जिसे बाद में बढ़ा कर 9000 क्यूसेक कर दिया गया था. तमिलनाडु सरकार ने कर्नाटक विधान सभा द्वारा 1991 में पारित किये गए उस विधेयक का भी जिक्र किया जिसमे तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी उपलब्ध कराने को कहा गया था.