चंडीगढ. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट नें हाल में ही हरियाणा में हुई हिंसा और आगजनी पर कड़ी टिप्पणी की है. न्यायालय ने कहा है कि जाट आंदोलन 1947 के बाद का सबसे बुरा वक्त था.
 
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दरअसल शनिवार को हाईकोर्ट में जाट आंदोलन से जुड़े मामलों की सुनवाई थी. इसी दौरान कोर्ट ने कहा कि जाट आंदोलन 1947 से अब तक की सबसे भयावह और दुःखद घटना थी. कोर्ट ने आगे कहा कि ऐसी स्थिति तो पंजाब में आतंकवाद के वक्त भी नहीं थी.
 
न्यायालय ने जाट आंदोलन के मामले की जांच पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि अगर वित्त मंत्री के भाई को इंसाफ नहीं मिल पा रहा तो बाकी के आम लोगों का क्या होगा. कोर्ट ने आगे कहा कि जांच क्यों न सीबीआई को सौंप दी जाए. फिलहाल मामले की जांच हरियाणा सरकार कर रही हैं. हरियाणा सरकार ने कोर्ट को बताया है कि इस मामले में अब तक 1621 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
 
बता दें की हाल ही में हरियाणा में आरक्षण को लेकर जाटों नें आंदोलन किया था जिससे बड़े पैमाने पर जनधन की हानि हुई थी. इस आंदोलन में कई वाहन जला दिए गए थे. परिवहन सुविधाएं बाधित कर दी गईं  थीं. दिल्ली में पानी की सप्लाई भी बन्द कर दी गयी थी. आंदोलन की आड़ में मुरथल में महिलाओं के साथ सामुहिक दुष्कर्म करने का भी मामला सामने आया था.

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