श्रीनगर. पथराव की कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो कश्मीर घाटी में शनिवार को शातिंपूर्ण माहौल रहा है. जिसे देखते हुए राज्य प्रशासन ने श्रीनगर और दूसरे अन्य इलाकों से कर्फ्यू हटा लिया है लेकिन कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है लेकिन कर्फ्यू नहीं लगाया गया है.
 
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बारामूला जिले में 22 साल के वसीम लोन नाम के एक युवक की शुक्रवार को गोली लगने से मौत हो गई और कानून-व्यवस्था बाधित करने पर 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि सेना के वाहनों के गुजरने के दौरान कुछ युवाओं ने सेना पर पथराव शुरू कर दिया था, इसी दौरान उसकी जान गई. वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि सेना ने बिना किसी उकसावे के गोली मारी है. 
 
बता दें कि आठ जुलाई को आतंकी सगंठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का कमांडर बुरहान वानी जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एनकाउंटर में मारे जाने के बाद श्रीनगर में अलगावादियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस विरोध प्रदर्शन में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 87 लोगों की मौत हो गई है और 11000 के करीब लोग घायल हो चुके हैं. 
 
अलगाववादियों ने विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम को 22 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है. उन्होंने घाटी में हड़ताल में छूट की अवधि की कोई घोषणा नहीं की. कश्मीर में अभी भी मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद हैं, जबकि प्रीपेड नंबर पर भी आउटगोइंग कॉल बंद रहीं हैं. हड़ताल के कारण घाटी में दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप, स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहे हैं. जबकि कश्मीर में अन्य स्थानों पर सार्वजनिक यातायात सड़कों से नदारद रहे.

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