पणजी. ब्रिटिश लड़की स्कार्लेट मर्डर केस में गोवा कोर्ट ने 8 साल बाद फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को बरी कर दिया है. कोर्ट के फैसले से स्कार्लेट की मां काफी हैरान हैं. उन्होंने फैसला आने के बाद कहा है कि वह इस फैसले से काफी हैरान हैं. उन्हें लगा था कि दोषियों को सजा होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
 
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स्कार्लेट मर्डर केस की जांच पहले पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इसे सीबीआई के हवाले कर दिया गया था. सीबीआई ने साल 2010 में इस केस में चार्जशीट फाइल की थी.
 
क्या है स्कार्लेट मर्डर केस
 
15 साल की ब्रिटिश मूल की लड़की स्कार्लेट का मर्डर फरवरी साल 2008 में हुआ था, उसकी लाश सेमी न्यूड स्थिति में गोवा के बीच पर मिली थी. स्कार्लेट का रेप करके उसकी हत्या करने का आरोप बीच पर काम करने वाले सैमसन डिसूजा और प्लैसिडो कार्वल्हो पर लगा था, लेकिन आज उन्हें बरी कर दिया गया है.
 
सैमसन और प्लैसिडो पर आरोप लगा था कि उन्होंने स्कार्लेट की ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाया और फिर उसका रेप किया, रेप के बाद बेहोश स्कार्लेट को पानी के किनारे छोड़ दिया. बता दें कि स्कार्लेट अपनी मां और भाई के साथ भारत घूमने आई थी. 
 
मां ने कहा- फैसला हैरान करने वाला
 
स्कार्लेट की मां फियोना ने कहा है कि वह इस फैसले से काफी हैरान हैं और इसे आगे की कोर्ट में चुनौती देंगी. फियोना अपनी बेटी की मौत के बाद सबूत जुटाने के लिए कई हफ्तों तक बीच पर ही रही थीं.
 
8 साल में बदले 5 जज
 
बता दें कि इस मामले में पिछले आठ सालों से सुनवाई चल रही थी, इन आठ सालों में कुल पांच जजों को बदला गया.