नई दिल्ली. बलूच नेता ब्रह्मदह बुगती ने भारत में शरण की याचिका दाखिल कर दी है. बुगती की याचिका गृह मंत्रालय को मिल गई है. ये याचिका विदेश मंत्रालय के जरिए मिली है. बुग्ती ने भारतीय कागजातों की मदद से पूरी दुनिया घूमकर पाकिस्तान के खिलाफ बलूचिस्तान की आजादी को लेकर अपनी आवाज उठाना चाहते हैं. बलोच नेता बुगती ने जेनेवा में भारतीय राजनयिकों से मुलाकात कर शरण की शर्तों पर बातचीत भी की.
 
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बुगती ने बताया कि भारत ने जिस तरह दलाई लामा को शरण देकर वो पूरी दुनिया में चीन के अत्याचार के खिलाफ प्रचार कर रहे है. इसी तरह मेरा भी यही इरादा है. मुझे भारत में शरण लेने में कोई समस्या नहीं होगी. बुगती ने इस मुलाकात के दौरान ज्यादा कुछ तो नहीं बताया लेकिन पाक अधिकृत कश्मीर PoK के मुद्दे पर चर्चा करने की बात कही.
 
भारत सरकार बलूच नेता बुगती के साथ साथ मोहम्मद बुगती और अजीजुल्लाह बुगती को भी शरण देने की अनुमति दे सकती है. वहीं 15,000 बलूच लोगों ने अफगानिस्तान में शरण लेने की कोशिश में हैं और 2000 बलूच लोग दुनिया के कई देशों में शरण लेने के लिए आवेदन कर रहे हैं. वहीं पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि बलूच नेता बुगती एक आतंकवादी है और भारत उसे शरण न दे.