श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले में बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उरी सेक्टर  में हुए आतंकी हमले की खुफिया जानकारी हमले से तीन दिन पहले यानि 15 सितंबर को मिल चुकी थी, जिसे सेना के साथ साझा भी किया गया था. साथ ही मुताबिक 12-13 सितंबर को भी हमले की जानकारी मिली था कि 12 ब्रिगेड पर आतंकी हमला हो सकता है.
 
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आतंकियों ने काला पहाड़ ब्रिगेड कैंप में दो जगहों से घुसपैठ की, जिससे दो जगहों पर तार कटे हुए मिले थे. अजीब बात ये रही है कि आतंकी बिना किसी रोकटोक के शिविर के 150 मीटर अंदर तक चले आए. आतंकियों ने पहला हमला वॉशरूम के लिए कतार में खड़े जवानों पर किया, इसके बाद ग्रेनेड लॉन्चरों से आर्मी टेंट पर हमला किया. तभी एक आतंकी ऑफिसर्स मेस की तरफ गया, जबकि दूसरा मोटर ट्रांसपोर्ट की तरफ गया. 
 
 
आतंकियों के हमले से आर्मी किचेन में पड़े मिट्टी के तेल में आग लग गई, जो वहां रखे हथियारों तक पहुंच गई. फिर आग की चपेट में टेंट में सोए हुए जवान भी आ गए. आग से दो अस्थायी ढांचों के अलावा 15 और टेंट जल गए. अब सवाल यही उठता है कि आखिरी आतंकी शिविर के इतने पास कैसे पहुंच गए. उनको आर्मी शिविर के अलग-अलग हिस्सों की इतनी पक्की जानकारी कैसे मिली ? क्या कोई अंदर का शख्स ही उनकी मदद कर रहा था ? अब खुफियां एजेंसियां इन सब बातों की ही जांच कर रही है.
 
 
अमेरिका की पाकिस्तान को दो टूक
उरी सेक्टर में हुए आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान को विश्व समुदाय ने घेरना शुरू कर दिया है. जहां रूस ने पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास से इनकार कर दिया वहीं अमेरिका ने साफ तौर से कह दिया कि पाकिस्तान आतंकियों को अपने यहां पनाह लेने से रोके. साथ ही न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने उरी हमले का मुद्दा भी उठाया. कैरी ने कहा कि पाकिस्तान अपनी जमीन को इस्तेमाल आतंकियों के लिए सेफ हेवेन बनने से रोके. कैरी ने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह परमाणु बमों को लेकर बयानबाजी से भी बचे.
 
 
NIA ने शुरू की जांच
18 सितंबर को  सुबह पाकिस्तान से आए चार आतंकवादियों ने उरी में सेना के कैंप पर हमले को अंजाम दिया था. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है. NIA के अधि‍कारियों ने हमले में मारे गए चारों आतंकियों के फिंगर प्रिंट और ब्लड सैंपल जमा कर लिए हैं. इसके साथ ही सेना आतंकियों से बरामद हथियार और सामान भी NIA को सुपुर्द करेगी. NIA ने FIR दर्ज कर लिया है.
 
 
बता दें कि 18 सितंबर को सुबह करीब 5.30 बजे 4 आतंकी ने LOC में तार काटकर जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर स्थित आर्मी हेडक्वॉर्टर पर हमला किया था. जवाब में सेना ने मोर्चा संभाला. दोनों ओर से करीब चार घंटे गोलीबारी हुई. हमले में 20 जवान शहीद हो गए हैं और 4 आतंकियों को मार गिराया गया है.  22 जवान घायल हो गए हैं और इनमें 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है.