नई  दिल्ली. दिल्ली महिला आयोग में हुए कथित भर्ती घोटाले की आंच मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल तक पहुँच गयी है. एसीबी ने उन पर भ्रष्टाचार, विश्वासघात और आपराधिक षड़यंत्र की धाराओं में FIR दर्ज की है. इससे पहले सोमवार को एसीबी ने डीसीडब्लू की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल से कई घंटे  पूछताछ की थी.
 
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अरविन्द केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि  “मेरा कसूर क्या है? पूरी FIR में नहीं बताया कि मेरा क्या रोल है. एक मुख्यमंत्री का नाम डालने से पहले तो 10 बार सोचते होंगे. जांच रिपोर्ट में मेरा नाम नहीं है, लेकिन अपराधियों की सूची में है’ केजरीवाल ने इसके लिए सीधा पीएम को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि ‘मुख्यमंत्री’ का नाम ऐसे तो नहीं आता जाहिर है प्रधानमंत्री के इशारे पर हुई है.”
 
एसीबी प्रमुख मुकेश कुमार मीणा ने बताया की  “बरखा सिंह के द्वारा दी गयी शिकायत में अरविन्द केजरीवाल का नाम था और नियम के अनुसार शिकायत की पूरी कॉपी एफआईआर में तब्दील होती है. इस सम्बन्ध में जांच चल रही है और अभी तक केजरीवाल को  इस मामले में आरोपी नहीं बनाया गया है. गौरतलब है की एसीबी की 6 सदस्यीय टीम ने सोमवार को दिल्ली महिला आयोग के दफ्तर पर छापा मारा था.
 
डीसीडब्लू  की पूर्व अध्यक्षा बरखा सिंह  ने शिकायत दर्ज कराई थी कि दिल्ली महिला आयोग में 85 लोगो की भर्ती नियमो के मुताबिक नहीं हुयी है. उन्होंने कहा की इन नयी  हुयी भर्तियों में 90 फीसदी लोग आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं. इस पर डीसीडब्लू  की वर्तमान अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का कहना है की सारी भर्तियां नियमो के मुताबिक हुई है और उनके खिलाफ  की गयी कार्यवाही राजनीति  से प्रेरित है.