नई दिल्ली. उरी आतंकी हमले में देश के 18 जवान शहीद होने के बाद जहां देश भर में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की जा रही है वहीं, सरकार को सेना की ओर से जल्दबाजी में कोई सैन्य कार्रवाई न करने की सलाह दी गई है. 
 
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अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक उरी हमले को लेकर सोमवार को बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रमुख मंत्रियों को यह बात सेना प्रमुख ने कमांडरों से बातचीत के आधार पर बताई है.   इस बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और वित्तमंत्री अरूण जेटली भी मौजूद थे. 
 
उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से पाकिस्तान ने एलओसी के पास काफी सेना इकट्ठा कर रखी है ताकि किसी भी हमले का सामना किया जा सके. इस लिहाज किसी भी तरीके की कार्रवाई काफी जोखिम भरी हो सकती है. गौरतलब है कि दलबीर सिंह रविवार को कमांडरों से मिले थे.
 
हालांकि, भारतीय सेना पाकिस्तान और आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयार करने की योजना बनाई है.
 
एयर चीफ मार्शल अरुप राहा  नहीं थे मौजूद
इस उच्चस्तरीच बैठक में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरुप राहा मौजूद नहीं थे. उनकी गैर-मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भारत सरकार फिलहाल एलओसी पार हवाई हमला करने पर विचार नहीं कर रही है.