नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को पश्चिम बंगाल के सिंगूर में किसानों को मुआवजे के तौर पर 800 चेक बाटें हैं. सिंगूर टाटा नैनो विवाद पर ममता ने कहा कि कि हम राज्य में इंडस्ट्री चाहते हैं लेकिन हम जबरन जमीन लेने के खिलाफ हैं.
 
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ममता ने आगे कहा कि राज्य में खेती और इंडस्ट्री दोनों की समान आवश्यकता है. हम इंडस्ट्री के लोगों को जमीन देंगे लेकिन कोई कहे कि उसे यही जमीन चाहिए तो हम नहीं दे सकते. इसके अलावा ममता बनर्जी सिंगूर में 9,117 लोगों को मालिकाना हक सौंपेंगी.
 
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर के शुरुआत में कहा था कि टाटा मोटर्स की नैनो परियोजना शुरू किए जाने के लिए वर्तमान वाम मोर्चा सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अवैध थी. कोर्ट ने राज्य प्रशासन से 997.17 एकड़ की पूरी भूमि उनके मालिकों को लौटाने को कहा था.
 
कोर्ट 10 हफ्तो में भूमि का सर्वेक्षण और 12 हफ्तों के अंदर उक्त जमीन किसानों को लौटाने का आदेश भी दिया था. बनर्जी ने कहा कि पिछले 10 दिनों में भूमि सर्वेक्षण कार्य में अच्छी तेजी आई है.
 
बता दें कि साल 2011 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने सिंगूर में 2200 किसानों से जुड़ी 400 एकड़ भूमि लौटाने की मांग की थी, जिन्होंने अपनी जमिन के बदले टाटा मोटर्स से मुआवजा स्वीकार नहीं किया था. किसानों में से 2200 ने मुआवजे के चेक स्वीकार करने से मना कर दिया था. साथ ही बनर्जी ने ये भी आश्वासन दिया कि जमिन वितरण में किसानों के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा, क्योंकि जमिन के सारे रिकॉर्ड राज्य सरकार के पास उपलब्ध हैं.