नई दिल्ली. आज पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जा रहा है. हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत 14 सितंबर 1949 से की गई थी. इस दिन संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा बनाने का निर्णय लिया था.
 
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हिंदी भाषी देश में हिंदी को ही ​अंग्रेजी से मिल रही चुनौती हमेशा चिंता का विषय रही है. हिंदी के राजभाषा होने के बावजूद उसे पर्याप्त महत्व न मिलने पर लंबे समय से बहस जारी है. सरकारी कार्यों में अंग्रेजी की अधिकता और लोगों का हिंदी बोलने में शर्म और अंग्रेजी बोलने में गर्व महसूस करना​ हिंदी के महत्व में कमी को दिखाता है.
 
हिंदी दिवस का उद्देश्य हिंदी के सामने आ रही इन चुनौतियों को ही पार करना है. इस दिन को हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और उसे बढ़ावा देने के मकसद से मनाया जाता है. इसके लिए स्कूल, कॉलेेज, आॅफिस और अन्य संस्थानों में हिंदी भाषा में कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं. 
 
काव्य गोष्ठियां, शब्दकोष प्रश्नोत्तरी और कहानी लेखन जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास होता है. हिंदी 25.8 करोड़ लोगों की मातृभाषा है. संविधान के अनुच्छेद 343 में दर्शाया गया है कि संघ की राजभाषा हिन्दी और लिपि दवनागरी होगी. हालांकि, राजकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग होने वाले अंकों का रूप अंतर्राष्ट्रीय ही रखा गया. 
 
प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं 
आज के दिन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी राष्ट्रपति भवन में राजभाषा अवार्ड भी देंगे. ये अवॉर्ड गृह मंत्रालय के आधिकारिक भाषा विभाग की ओर से हिंदी में बेहतरीन योगदान देने के लिए मंत्रालयों विभागों और राष्ट्रीयकृत बैंकों को दिया जाता है. 
 
​हिंदी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं. उन्हें अपने ट्विटर हैंडर पर देश के नाम यह संदेश लिखा.