श्रीनगर. कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी को लेकर पिछले दो महीनों से जारी कश्मीर में हिंसा शांत होने का नाम ही नहीं ले रही. बकरीद के मौके पर राज्य सरकार ने घाटी के 10 जिलों में कर्फ्यू लागने का फैसला किया है और पूरे इलाके में इसकी निगरानी ड्रोन और हेलिकॉप्टर से होगी. बकरीद के मौके पर पूरे देश में रौनक है लेकिन घाटी में सन्नाटा पसरा हुआ है.
 
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कश्मीर में ईद-उल-अजहा की पूर्व संध्या पर होने वाली रौनक और चहल पहल भी फीकी रही. जुलाई से लगातार हो रही हिंसा और बंद के कारण यहां जनजीवन प्रभावित रहा है जिसके कारण बाजारों में चहल-पहल नहीं दिख रही है. कश्मीर में 66 दिनों के बाद भी हिंसा का दौर खत्म नहीं हुआ है. बकरीद के मौके पर राज्य में मोबाइल सेवा पर भी बैन लगा दिया गया है. बीएसएनएल की पोस्ट पेड सेवा को छोड़कर सभी मोबाइल फोन बंद रहेंगे. वहीं अलगाववादियों ने स्थानीय लोगों से हिंसा पीड़ितों की याद में ईद मनाने का फैसला किया है. अलगावादियों ने बंद का कार्यक्रम का विस्तार 16 सितंबर तक कर दिया है.
 
 
प्रशासन ने अलगाववादियों द्वारा बुलाए मार्च को लेकर कर्फ्यू लगाने और मार्च को रोकने का निर्णय लिया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि हमें सूचना मिली है कि अलगाववादी ईद के मौके पर श्रीनगर में बड़े स्तर पर हिंसा करने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि हिंसा को रोकने के लिए हमने तैयारी कर ली है.
 
 
अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर काननू-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने घाटी के 10 जिलों में कर्फ्यू लगाया है. उन्होंने बताया कि घाटी में पथराव की घटनाओं की बड़ती संख्या को देखते हुये कर्फ्यू रखने का निर्णय लिया गया.
 
 
अधिकारी ने आगे बताया कि घातक हिंसा में अब तक दो पुलिस कर्मी समेत 76 लोग मारे जा चुके हैं और करीब 10,000 लोगों से अधिक लोग घायल हो हुए हैं. सीआरपीएफ ने बताया कि रविवार से पथराव की घटनाओें में अब तक उनके पांच कर्मी घायल हो चुके हैं.