नई दिल्ली. वरिष्ठ वकील और स्वराज अभियान के संस्थापक प्रशांत भूषण ने जेल में 11 साल बिताने के बाद जमानत पर छूटकर निकले आरजेडी नेता और सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला कर लिया है. प्रशांत भूषण ने कहा है कि वह बिहार के इस बाहुबली नेता की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे.
 
प्रशांत भूषण ने बिहार की सरकार पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि यह कदम तो बिहार सरकार को ही उठाना चाहिए था. एक मीडिया चैनल से भूषण ने कहा कि उनकी राजीव रौशन के परिजनों से बात हुई थी और उन्होंने इस फैसले को चुनौती देने के लिए कहा. 
 
प्रशांत भूषण ने कहा कि उनके पास कई पीड़ितों के फोन आ चुके हैं.  जिनका कहना है कि वह सभी लोग बहुत डरा हुआ महसूस कर रहे हैं.  स्वराज अभियान के संस्थापक का कहना है कि हत्या और अपहरण जैसे बड़े अपराधों के आरोपी को जमानत देना सही नहीं है.
 
धरना देगी BJP
 
जहां एक ओर प्रशांत भूषण शहाबुद्दीन की जमानत का विरोध कर रहे हैं तो वहीं बीजेपी भी इस जमानत के खिलाफ ही है. बीजेपी ने इसे बिहार सरकार की सोची समझी रणनीति कहा है. जमानत के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने 14 सितंबर धरना देने की घोषणा की है.
 
क्या है मामला ?
 
बता दें कि शनिवार को पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को पटना हाईकोर्ट ने राजीव रोशन हत्या मामले में जमानत दे दी. शहाबुद्दीन 11 साल बाद जेल से रिहा हो गए हैं. तेजाब कांड के आरोपी के रूप में शहाबुद्दीन ने 11 साल जेल में काटे हैं. 
 
 
तेजाब कांड 11 साल पुराना मामला है. जिसमें शहर के प्रमुख व्यावसायी चंद्रकेश्वर प्रसाद उर्फ चंदा बाबू के दो बेटों गिरीश और सतीश का अपहरण कर शरीर पर तेजाब डाल कर उनकी हत्या कर दी गयी थी. इन दोनों का शव बरामद नहीं हो सका था. वहीं चंदा बाबू का तीसरा बेटा राजीव रोशन भागने में सफल हो गया था. इस मामले में राजीव रौशन गवाह थे, लेकिन गवाही के पहले उनकी भी हत्या कर दी गई थी.