नई दिल्ली. चीन में दौड़ने वाली हाई स्पीड ट्रेन में बीजिंग-गुआंगझो हाई स्पीड ट्रेन लाइन दुनिया की सबसे लंबी रेल लाइन है. चीन के बुलेट ट्रेन का स्टेशन भारत के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से भी बड़ा है. इस रेल लाइन की लंबाई 2230 किलोमीटर है. इस लाइन पर 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलती है. 2018 में यह ट्रेन हॉंगकांग को चीन से जोड़ देगी जिसका काम चल रहा है. इस रेल लाइन को बनाने का काम 2005 में शुरू हुआ था.
 
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हाई स्पीड ट्रेन यानी बुलेट ट्रेन. टेक्निकली इसको हाई स्पीड ट्रेन कहते हैं. 200 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा तेज दौड़ने वाली ट्रेन को हाई स्पीड ट्रेन की कैटेगरी में रखा जाता है. दुनिया की पहली हाई स्पीड ट्रेन 1964 में टोक्यो से ओसाका शहर के बीच चली थी. इस समय दुनिया के कुल 22 देशों में हाई स्पीड ट्रेन दौड़ रही हैं जिनकी पटरियों की कुल लंबाई 37200 किलोमीटर है. चीन में अकेले 19000 किलोमीटर हाई स्पीड ट्रेन लाइन है. मतलब बाकी दुनिया की कुल हाई स्पीड ट्रेन लाइन से चीन अकेले ज्यादा हाई स्पीड पटरी रखता है.
 
दिवाली में गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति हो या गांव-गांव में बिकने वाले सस्ते मोबाइल, चाइनीज़ प्रोडक्ट का दुनिया का सबसे बड़ा एक्सपोर्ट हब ईवू शहर का फुतियान मार्केट पांच हिस्सों में बंटा है और उसका हर हिस्सा दिल्ली के प्रगति मैदान से दस गुना से ज्यादा बड़ा है. 
 
चीन ही नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर शंघाई की पूरी दुनिया कायल है. आर्थिक विकास और आधुनिक नगरीय सुविधाओं के मामले में शंघाई की कामयाबी बेमिसाल है. मुंबई के विकास की जब भी बात होती है, तो यही मिसाल दी जाती है कि मुंबई को शंघाई जैसा बनाया जाएगा. इंडिया न्यूज़ के एडिटर-इन-चीफ दीपक चौरसिया ने शंघाई जाकर वहां के विकास की ज़मीनी सच्चाई देखी.