नई दिल्ली. आज गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स बिल पर राष्ट्रपति की मुहर लगते ही इस बिल ने कानून का रूप ले लिया. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज जीएसटी बिल पर हस्तारक्षर करके इसे मंजूरी दे दी. अब जल्द ही एक देश एक टैक्स वाला यह कानून पूरे देश में लागू हो जाएगा.
 
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देश के 16 राज्यों की विधानसभाओं ने पहले ही इस बिल को मंजूरी दे दी थी, अब राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ ही इसे पूरे देश भर में लागू करने का रास्ता खुल गया है. सबसे पहले असम ने इस बिल को मंजूरी दी थी और 16वें राज्य के रूप में ओडिशा ने इसे मंजूरी दी.
 
 
राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद बिल को कानून का रूप देने के लिए काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि 1 अप्रैल 2017 तक जीएसटी से जुड़े सभी विवाद सुलझा लिए जाएं और इसकी दर भी निर्धारित कर ली जाएं.
 
बनेगी जीएसटी काउंसिल
 
जीएसटी की दरें निर्धारित करने के लिए एक काउंसिल का निर्माण किया जाएगा. जो इससे जुड़े सभी विवादों को भी सुलझाएगी. इस काउंसिल के मुखिया वित्त मंत्री अरुण जेटली होंगे. जेटली ने पहले ही कह दिया था कि इस पर एक काउंसिल का गठन किया जाएगा.
 
बता दें कि 3 अगस्त को जीएसटी संशोधन बिल राज्यसभा में पास हो गया था, जहां इसके पक्ष में 203 वोट पड़े थे. राज्यसभा में पास होने के बाद लोकसभा में भी इसे मंजूरी मिल गई थी, जहां इसके पक्ष में 443 वोट पड़े.