नई दिल्ली. मुकेश अंबानी के रिलायंस जियो के खिलाफ देश की टॉप टेलिकॉम कंपनियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है. सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने पीएम मोदी को लिखा है कि जियो के वॉइस ट्रैफिक को टर्मिनेट करने के लिए उनके पास नेटवर्क नहीं है. सीओएआई ने पीएम से इस मामले में फेयर कॉम्पटिशन की मांग की है.
 
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बता दें कि (सीओएआई) ने पीएमओ में प्रिंसिपल सेक्रटरी नृपेंद्र मिश्रा को एक महीने में दूसरा खत भेजा है. लेटर में लिखा गया है कि रिलायंस जियो के अब तक लगभग 10 करोड़ कस्टमर्स हो चुके हैं, इनके वॉइस ट्रैफिक को अनलोड करने की वजह से मौजूदा ऑपरेटरों के वेटेड औसत वॉइस रियलाइजेशन 30-40 पैसे प्रति वॉइस मिनट से कम होकर 22-25 पैसे प्रति वॉइस मिनट या इससे भी नीचे जा सकता है. 
 
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 1 सितंबर को ऐलान किया था कि जियो की सर्विसेज 5 सितंबर से शुरू कर दी जाएंगी. इस घोषणा के दूसरे दिन ही मतलब 2 सितंबर को सीओएआई ने यह लेटर भेजा था. 
 
पीएम को लिखे लेटर में कहा गया है कि रिलायंस जियो की वजह से वेटेड ऐवरेज वॉइस रियलाइजेशन में अचानक से कमी आ जाने की वजह से काफी पहले से मौजूद अन्य टेलिकॉम कंपनियों की हालात बहुत ज्यादा खराब हो जाएगी.
 
सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के डायरेक्टर जनरल राजन मैथ्यूज ने कहा है कि रिलायंस जियो की इस फ्री सर्विस का बड़ा बोझ टैरिफ मैन्युपुलेशंस के जरिए कॉम्पटीटर ऑपरेटरों पर डालने की कोशिश की जा रही है. ऐसे वॉइस ट्रैफिक की वजह से फाइनैंशल कॉम्पिटिशन खत्म हो जाएगा. 
 
बता दें कि जियो ने 5 सितंबर को अपनी 4जी इंटरनेट सेवा शुरू की थीं. उसने 31 दिसंबर तक फ्री वॉइस और डेटा सर्विसेज देने की घोषणा की है. उसका लक्ष्य जल्द से जल्द 10 करोड़ कस्टमर्स हासिल करने का है.