नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश को आदेश दिया है कि एफआईआर दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर एफआईआर की कॉपी वेबसाइट पर डालनी होगी. कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेश को कहा है कि 15 नवंबर से 4 हफ्तों के भीतर एफआईआर की कॉपी वेबसाइट पर डालना जरूरी होगा.
 
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जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेश में पुलिस की वेबसाइट नहीं है वहां राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के वेबसाइट पर एफआईआर की कॉपी डालनी होगी.
 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संवेदनशील मामलों जैसे आतंकवाद, महिलाओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न में मामलों में की गई FIR वेबसाइट पर डाली जाए. कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा है कि पुलिस मशीनरी पॉल्यूटेड है, इसलिए क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम सफल नहीं हो पा रहा है.
 
सर्वोच्च अदालत ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव और डीजीपी को इस आदेश को अमल करने को कहा. कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि एफआईआर की कॉपी वेबसाइट पर अपलोड न होना किसी अपराधी के लिए जमानत का आधार नहीं हो सकता.