पूरी दुनिया में जहां वैश्विक मंदी छाई हुई है. वहीं भारत और चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. इसको लेकर पूरे दोनों देशों में होड़ भी शुरू हो गई है. लेकिन इसके साथ एक खतरा भी मंडराने लगा है कि क्या विकास की अंधी दौड़ के साथ-साथ दोनों देश आपस में युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं.
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि ये कहना जल्दबाजी होगी. लेकिन पिछले कुछ सालों में दोनों देशों की ओर से कुछ ऐसे कदम उठाए गए हैं जिसकी वजह से इस आशंका को भी अब नकारा नहीं जा सकता है.
 
1- कुछ दिन पहले ही भारत ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सीमा के पास ब्रह्मोस मिसाइल तैनात की हैं.
 
2- इसी हफ्ते में खबर आई कि भारत के इस कदम से चीन बौखला गया है और तिब्बत के पास उसका सीक्रेट विमान देखा गया है.
 
3- चीन-पाकिस्तान के साथ मिलकर लद्धाख के पास से एक आर्थिक कॉरीडोर बना रहा है जिसकी आड़ में वह भारत को इस सीमा पर घेरने की तैयारी में है. एलएसी के पास भी चीनी सेना की हरकतें देखी गई हैं.
 
4- भारत ने भी दक्षिणी चीन सागर पर चीन के खिलाफ रुख अपनाया है. चीन की ओर से कहा गया है कि भारत इस विवाद में न उलझे.
 
 2013 में भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीन के सीमा से सटी हवाई पट्टी दौतलबेग ओल्डी में मालवाहक विमान हरक्यूलिस को उतार ये जता दिया था कि वह किसी भी स्थिति से उतरने को तैयार है.
 
5- भारत ने हिमाचल प्रदेश में चीन सीमा तक तीन सड़कें पहुंचा दी हैं. सामरिक दृष्टि से इसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 
 
6-  अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट में भारत ने पांचवी एडवांस लैंडिग ग्राउंड शुरू कर दिया है. भारत यहां पर अब फाइटर प्लेन और सैन्य साजो-सामान उतार सकता है. इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर सैनिकों और तोपों को भी आसानी से पहुंचाया जा सकता है.
 
7- इसके जवाब में चीन की सेना ने तिब्बत में एयर परेशन बढ़ा दिया है.
 
8-  अरुणाचल की सीमा पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस ने मैकमोहन रेखा के पास 54 चौकियां बनाने जा रहा है.
 
9- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने दावा किया था चीन की सेना उत्तराखंड की सीमा पर घुसपैठ कर रही है. हालांकि बाद में खबर आई थी कि चीनी सैनिक वापस लौट गए हैं.
 
10- लद्दाख में भारतीय सेना और इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस ने चीनी सैनिकों के निगरानी टावर को ध्वस्त कर दिया. इस घटना के बाद चीन ने सीमा पर अपनी अतिरिक्त सेना तैनात कर दी. 
 
चीन के राष्ट्रपति ने की प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ
हालांकि जी-20 सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अगुवाई में भारत विकास कर रहा है.