नई दिल्ली. अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम अब जल्द ही भारत के कब्जें में होगा. दाउद को पकड़ने के लिए मोदी सरकार ने एक नई रणनीति बनाई है. इस रणनीति के तहत 5 स्पेशल टीमें बनाई गईं हैं, जिसमें 50 लोगों को दाऊद के पीछे लगाया है. ये सभी लोग रॉ,  ईडी और सीबीआई के अधिकारी समेत कई और एजेंसियों शामिल हैं. ये अधिकारी दाऊद के काले कारोबार और उसकी गतिविधि पर नजर रखेंगे और साथ ही दाउद के कारोबार को चौपट करना भी इस रणनीति का हिस्सा होगा.
 
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दाउद पिछले कुछ महीनों से बीमारी की वजह से कहीं मूवमेंट नहीं कर रहा है. दाउद न तो फोन पर किसी से बातें कर रहा है और उसका परिवार आजकल बुलेट प्रुफ गाड़ी से चल रहा है. बताया जा रहा है दाउद ने ये गाड़ियां दुबई से मंगाई हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार दाउद पाकिस्तान के कराची में शेख हनीफ मर्चेंट के नाम से जाना जाता है. दाउद के सभी फोन कॉल उसकी पत्नी मेहजबीन शेख उठा रही है. दाउद के हर संदेश उसकी पत्नी ही सबको देती है.
 
हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने दाऊद के 14 कल्पित नामों को गिनाते हुए उनके नाम से पाकिस्तान के कराची में उसके तीन पतों की सूची जारी की थी. इन तीन पतों का उल्लेख भारत की ओर से पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र को सौंपे गए डोजियर में शामिल है. दाऊद के कराची के जो तीन पते सूचीबद्ध हैं वे हैं- ह्वाइट हाउस, सऊदी मस्जिद के पास, क्लिफ्टन हाउस नंबर 37-30थी स्ट्रीट -डिफेंस, हाउसिंग अथॉरिटी और नूराबाद के पहड़ी इलाके में स्थित आलीशान बंगला.
 
मुंबई में 1993 में हुए बम विस्फोटों के मुख्य साजिशकर्ता दाऊद ने पाकिस्तान में शरण ले रखी है. कई बार भारत सरकार ने दाऊद के पाकिस्तानी पासपोर्टो और पतों के बारे में पाकिस्तान को बताया है, ताकि पाकिस्तान दाउद को भारत के हवाले कर सके, लेकिन वहां की सरकार ने हमेशा दाऊद की पाकिस्तान में मौजूदगी से इनकार करती आई है.