नई दिल्ली. वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अफ्रीका, एशिया और प्रशांत के क्षेत्रों में जीका वायरस नए सिरे से पैर पसार सकता है और इससे भारत की 1.2 ख़राब की आबादी इस वायरस की चपेट में आ सकती है. इन जगहों पर दुनिया की एक तिहाई आबादी यानि कि 2.6 अरब लोग रहते हैं.
 
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यह बात ठीक है कि इन इलाकों में रहने वाले लोग अभी इस वायरस से अप्रभावित हैं लेकिन यहां ना सिर्फ मच्छर भरपूर संख्या में हैं बल्कि वातावरण भी जीका के पनपने के लिहाज से ठीक हैं. ऐसे में संभावना है कि इन इलाको में भी जीका वायरस अमरीकी उपमहाद्वीपों और कैरिबियाई क्षेत्र की तरह महामारी का रूप ले सकता है. 
 
अगर ऐसा होता है तो भारत की 1.2 अरब आबादी, चीन की 24.2 करोड़, इंडोनेशिया 19.7 करोड़, नाइजीरिया 17.9 करोड़, पाकिस्तान 16.8 करोड़ और बांग्लादेश 16.3 करोड़ आबादी इसकी चपेट में आ सकती है. यह संभावना ‘द लैंसेट इंफेक्शस डिसीजेज’ में छपे एक लेख में जताई गयी है. हालांकि अभी यह साफ़ नहीं है कि क्या इस इलाके के लोगों में इस वायरस से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता है या नहीं?