नागपुर. 90 साल से चले आ रहे अपनी पारंपरिक खाकी हॉफ निकर को छोड़कर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गणवेश बदलने की कवायद पूरी होने को है. नागपुर के RSS हेडक्वार्टर पर नई ड्रेस की बिक्री शुरू हो चुकी है. यह बिक्री कुछ महीनों पहले संघ द्वारा अपनी पारंपरिक गणवेश खाकी निकर और सफेद शर्ट को बदलने की घोषणा के बाद सोमवार को संघ प्रचारक रामाभाऊ बोडाले के हाथों शुरू हुई है.
 
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1925 के वक्त से रही है ये ड्रेस
RSS चाहता है कि सारे स्वयंसेवक आने वाले दशहरे के मौके पर पहली बार यह गणवेश धारण करें. RSS के कई युवा स्वयंसेवक ये बदलाव चाहते थे. बता दें कि 1925 में RSS की स्थापना के वक्त से ही खाकी निकर उसकी ड्रेस में शामिल रहा है. मार्च में ड्रेस बदलने का ऐलान करते हुए भैयाजी जोशी ने कहा था कि भूरा रंग अच्छा दिखता है और हर जगह मिल जाता है इसलिए इस रंग को चुना गया है. जोशी ने आगे कहा कि हम सबके जीवन में फुल पैंट चलती है इसलिए हमने इसे स्वीकार किया है.
 
 
साइज के हिसाब से रहेगा मुल्य
RSS ने नई गणवेश का मुल्‍य पेंट की साइज के आधार पर रखा है. 20 नंबर का फुल पेंट 250 रुपए में उपलब्‍ध होगा वहीं सबसे बड़ा 48 नंबर का पेंट 350 रुपए का और मोजे 25 रुपए में दिए जाएंगे. साथ ही नई गणवेश की जानकारी स्‍थानीय भाषाओं में मोबाइल पर भेजी जा रही है. 
 
पहले आर्मी की तरह थी पोशाक
स्थापना के समय RSS कैडरों के लिए आर्मी से मिलती-जुलती पोशाक निर्धारित की गयी थी. संगठन का शुरुआती गणवेश खाकी शर्ट और खाकी हाफपैंट था. शर्ट में पुलिस और सेना की तरह दो पॉकेट होते थे. बाद में खाकी शर्ट की जगह सफेद शर्ट को पोशाक में शामिल किया गया. ये बदलाव संघ के दूसरे प्रमुख एमएस गोलवरकर गुरूजी ने किया था.