नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने चीन में होने वाले G-20 समिट से पहले तीन सितंबर को वियतनाम का दौरा करेंगे. PM मोदी की यह यात्रा दक्षिण पूर्ण एशिया में भारत की बढ़की रणनीतिक मौजूदगी का भी संकेत होगी.
 
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार PM मोदी के वियतनाम दौरे के दौरान हनोई आर्मी को भारत की तरफ से अतिरिक्त मदद की उम्मीद है. इसमें अंतरिक्ष सहायता, वित्तीय, प्रशिक्षण मदद और हाईड्रोकार्बन ब्लॉक में अधिक से अधिक निवेश शामिल है.
 
 
रिपोर्ट्स के अनुसार PM मोदी अपने इस दौरे के दौरान वियतनाम आर्मी को 100 मिलियन डॉलर की चार पेट्रोल बोट्स की सप्लाइ पर करार करेंगे. इसके अलावा वियतनाम आर्मी को भारत अतिरिक्त वित्तीय मदद की भी पेशकश कर सकता है.
 
 
बता दें कि चीन साउथ चाइना सी के कई द्वीपों पर अपना दावा जताता है, जबकि वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रूनेई और ताइवान भी इन पर दावा जताते रहे हैं. स्प्रैटले द्वीप समूह के सात द्वीपों का निर्माण किया है और इसी के विरोधस्वरूप वियतनाम ने यह कदम उठाया है.
 
 
सैन्य जानकारों का मानना है कि चीन की साउथ चाइना सी पर बढ़ती हुई गतिविधि से वियतनाम का दावा कमजोर पड़ सकता है. वहीं अमेरिका भी इस क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है.