कानपुर. हमारे देश में ओलंपिक जैसे हर बड़े खेल आयोजन के बाद देश में खिलाडियों और खेलों की सुविधाओं को सुधरने को लेकर बड़े बड़े दावे किये जाते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर प्रतिभाशाली खिलाड़ी हमेशा बदलाव की राह देखते रह जाते हैं. ऐसी ही एक खिलाड़ी है कानपुर की रहने वाली 13 साल की श्रद्धा शुक्ला. 
 
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सरकारी मदद की आस में इस बार श्रद्धा ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने के लिए उफनती गंगा में छलांग लगा दी है. श्रद्धा कानपुर से बनारस तक का सफर तैर कर पूरा करेगी. श्रद्धा की कोशिश है कि वह प्रशासन को साबित कर दिखा सके कि अगर उसे बेहतर सुविधाएं मिलती हैं तो वह राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं.
 
कानपूर से बनारस तक का 570 किमी. का सफर वह तैर कर करेंगी. मैस्कर घाट से बनारस तक की दूरी वह 70 घंटे में तय करने की कोशिश करेंगी. इसके लिए वह छह जगहों पर रुकेगी.  बता दें कि श्रद्धा 4 साल की उम्र से गंगा में तैराकी कर रही है. इस दौरान उसने कई रिकॉर्ड भी बनाये बावजूद इसके अभी भी उसे सरकारी मदद और बेहतर सुविधाओं का इंतज़ार है. 
 
श्रद्धा को जलपरी के नाम से भी जाना जाता है. गोताखोर रह चुके श्रद्धा के पिता ललित शुक्ला का श्रद्धा के बारे में कहना है कि ‘वह हर साल अपनी क्षमता के प्रदर्शन के लिए गंगा की लहरों में छलांग लगा देती है और ओलंपिक में गोल्ड जीतना उसका और हमारा सपना है.’
 
 
  
 

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